कच्छ: प्रदेश के कच्छ इलाके में शुक्रवार रात 8:54 पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंपीय अनुसंधान संस्थान, गांधीनगर के अनुसार इन भूकंप के झटकों को तीव्रता 4.1 दर्ज की गई। हालांकि इससे किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। वहीं इससे पहले शुक्रवार सुबह ही कच्छ में ही 3.2 कि तीव्रता वाला भूकंप आया था। एक दिन में दो बार भूकंप आने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
प्लेट्स के टकराने से आता है भूकंप
यह धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है, जिन्हें इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टल और क्रस्ट कहा जाता है। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहा जता है। ये 50 किलोमीटर की मोटी परतें होती हैं, जिन्हें टैक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैक्टोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं, घूमती रहती हैं, खिसकती रहती हैं। ये प्लेट्स अमूमन हर साल करीब 4-5 मिमी तक अपने स्थान से खिसक जाती हैं। ये क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर, दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इस क्रम में कभी कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। इस दौरान कभी-कभी ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। ऐसे में ही भूकंप आता है और धरती हिल जाती है। ये प्लेटें सतह से करीब 30-50 किमी तक नीचे हैं।
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