1. Hindi News
  2. हरियाणा
  3. दिल्ली कूच पर अड़े किसान, हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट बंद के बाद पंचकूला में धारा 144 लागू

दिल्ली कूच पर अड़े किसान, हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट बंद के बाद पंचकूला में धारा 144 लागू

 Reported By: Puneet Pareenja Edited By: Malaika Imam
 Published : Feb 11, 2024 10:31 am IST,  Updated : Feb 11, 2024 11:03 am IST

किसानों ने दिल्ली कूच करने का ऐलान कर दिया है। उससे पहले हरियाणा सरकार ने सात जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाने के साथ अब पंचकुला में धारा 144 भी लागू कर दी है।

किसानों ने किया दिल्ली कूच का ऐलान- India TV Hindi
किसानों ने किया दिल्ली कूच का ऐलान Image Source : FILE PHOTO

किसानों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने की घोषणा की है। इसे लेकर हरियाणा की खट्टर सरकार ने जहां प्रदेश के सात जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी है, तो वहीं अब पंचकूला में धारा 144 लागू कर दी गई है। पंचकूला डीसीपी सुमेर सिंह प्रताप के अनुसार, पैदल या ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य वाहनों के साथ जुलूस, प्रदर्शन, मार्च निकालने और किसी भी तरह की लाठी, रॉड या हथियार ले जाने पर पाबंदी लगाई गई है। बता दें कि किसान संगठनों के 13 फरवरी को दिल्ली कूच के ऐलान के बाद राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने से रोकने के लिए पंजाब-हरियाणा सीमा क्षेत्रों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।

बॉर्डर सील करने के साथ ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

पंजाब-हरियाणा सीमाओं को आंशिक रूप से सील कर दिया गया है। सीमाओं पर बैरिकेड्स, बोल्डर, रेत से भरे टिप्पर और कंटीले तार लगाकर बंद किया गया है। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। इससे पहले शनिवार को हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने पुलिस महानिरीक्षक (अंबाला रेंज) सिवास कविराज और अंबाला के पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह किसानों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए अंबाला के पास शंभू बॉर्डर का दौरा कर चुके हैं। बॉर्डर को सील करने के साथ-साथ ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है। हरियाणा पुलिस की ओर से पंजाब और हरियाणा के प्रमुख मार्गों पर संभावित यातायात व्यवधान की आशंका को देखते ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। इस दौरान यह भी कहा गया है कि 13 फरवरी को ज्यादा जरूरी होने पर ही यात्रा करें। 

"हरियाणा में हमें डराने की कोशिश की जा रही है"

हरियाणा सरकार की सख्ती पर किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने बयान जारी कर कहा, "एक तरफ तो सरकार हमें बातचीत का न्योता दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर हरियाणा में हमें डराने की कोशिश की जा रही है। बॉर्डर सील किए जा रहे हैं। धारा 144 लगा दी गई है। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इंटरनेट सेवा बंद करने का क्या सरकार के पास अधिकार है? ऐसे में सकारात्मक माहौल में बातचीत नहीं हो सकती है। सरकार इस तरफ तुरंत ध्यान दे।"

इंटरनेट और एक साथ कई SMS भेजने पर रोक

बता दें कि हरियाणा सरकार ने 13 फरवरी को किसानों के प्रस्तावित 'दिल्ली चलो' मार्च से पहले शनिवार को सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं और एक साथ कई SMS (संदेश) भेजने पर रोक लगा दी। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 11 फरवरी को सुबह 6 बजे से 13 फरवरी को रात 11.30 बजे तक अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के संबंध में कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव डालने के लिए 13 फरवरी को 200 से अधिक किसान यूनियनों के समर्थन से 'दिल्ली चलो' मार्च की घोषणा की है। 

क्या है किसानों की मांग?

MSP के लिए कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, कृषि लोन माफी, किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेना, लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय किसानों की मुख्य मांगें हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हरियाणा से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।