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‘विधानसभाओं और संसद में नियोजित व्यवधान ठीक नहीं’, प्रबोधन कार्यक्रम में बोले ओम बिरला

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Feb 14, 2025 11:18 pm IST, Updated : Feb 14, 2025 11:18 pm IST

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र की ताकत हैं, लेकिन विधानसभाओं या संसद में 'नियोजित व्यवधान' लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। वह हरियाणा विधानसभा के सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम में बोल रहे थे।

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Image Source : PTI लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।

चंडीगढ़: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र की ताकत हैं, लेकिन विधानसभाओं या संसद में ‘नियोजित व्यवधान’ ठीक नहीं है। बिरला हरियाणा विधानसभा के सदस्यों के लिए शुक्रवार को चंडीगढ़ में शुरू हुए 2 दिन के प्रबोधन कार्यक्रम के मौके पर मीडिया से बात कर रहे थे। बिरला ने कहा, ‘चर्चा और संवाद लोकतंत्र की आत्मा हैं। सहमति या असहमति लोकतंत्र की ताकत हैं, लेकिन मेरा मानना ​​है कि विधानसभा हो या संसद, नियोजित गतिरोध लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।’

‘नियोजित गतिरोध से सदन में व्यवधान पैदा होता है’

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा,‘नियोजित गतिरोध का यह नया चलन न तो देश के लिए ठीक है और न ही किसी राज्य के लिए, क्योंकि इससे सदन में व्यवधान पैदा होता है और विधायी कार्य भी प्रभावित होता है, जिससे बहुमूल्य समय बर्बाद होता है। यह गर्व की बात है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। चाहे वह राज्य विधानसभाएं हों या संसद, आजादी के बाद संविधान के दायरे में रह कर ही नए कानून बनाए गए हैं। संसद में हमने औपनिवेशिक काल के अनावश्यक कानूनों को खत्म किया। हमने आजादी के बाद समय की जरूरत के हिसाब से नए कानून भी बनाए हैं।’

‘राज्य का नेतृत्व करना भी विधायकों की जिम्मेदारी’

विधायकों के बारे में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोग अपने जन प्रतिनिधियों को बड़ी उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ चुनते हैं और चुने हुए प्रतिनिधियों को लोगों के मुद्दों को हल करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा के सदस्य हैं लेकिन उनके पास राज्य का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों, नीतियों और योजनाओं पर चर्चा करना भी उनकी जिम्मेदारी है। ओम बिरला ने कहा  विधानसभाओं में सार्थक चर्चा और संवाद पर जोर दिया और कहा कि इसके लिए प्रबोधन कार्यक्रम महत्वपूर्ण है।

हरियाणा विधानसभा में 40 नेता हैं फर्स्ट टाइम MLA

एक बयान में कहा गया है कि 2 दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान हरियाणा विधानसभा के सदस्यों को कार्यपालिका की जवाबदेही, विधायी प्रक्रियाओं में मंत्री की भूमिका और संसदीय विशेषाधिकारों जैसे विभिन्न विषयों पर जानकारी दी जाएगी। हरियाणा की 15वीं विधानसभा के सदस्यों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड), लोकसभा सचिवालय द्वारा हरियाणा विधानसभा सचिवालय के सहयोग से किया जा रहा है। हरियाणा विधानसभा में 40 सदस्य ऐसे हैं जो पहली बार विधायक बने हैं। (भाषा)

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