गुरुग्रामः टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या करने के बाद आरोपी दीपक यादव ने सबसे पहले अपने भाई विजय को फोन किया था। राधिका के चाचा विजय यादव ने शनिवार को बताया कि उसने (दीपक) मुझसे कहा, 'भाई, मैंने कन्या वध कर दिया है। मुझे मार दो...'.. उसने कोई कारण नहीं बताया। उसने कहा कि उसका दिमाग खराब हो गया है।
राधिका को ट्रेनिंग के लिए ले जाता था दीपक
विजय यादव ने कहा कि उसके पिता दीपक राधिका को सुबह 5 बजे ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे और शाम को ट्रेनिंग चलने तक वापस लाते थे। उसने कहीं आना-जाना और बाकी सब कुछ बंद कर दिया था। उसने थाने में भी कहा था कि अगर फांसी का नियम है, तो उसे फांसी पर चढ़ा दो... वो टेनिस कोच थी। मेरे हिसाब से उसने अपनी कोई अकादमी नहीं खोली थी। ये लोग शुरू से ही अमीर थे। उसके पिता ने बहुत मेहनत की है। जब उनके गांव में सबके कच्चे घर थे, तब उनके पास पक्का घर था। जब कोई खुद दोषी हो, तो उसे एहसास होने से बड़ी कोई सज़ा नहीं होती।
राधिका यादव की अपनी अकादमी नहीं थीः पुलिस
वहीं, गुरुग्राम पुलिस ने शनिवार को कहा कि टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की अपनी अकादमी नहीं थी और वह अलग-अलग जगहों पर टेनिस कोर्ट बुक कर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती थीं, जो उनके पिता को रास नहीं आ रहा था। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि राधिका एक टेनिस अकादमी चलाती थीं, जो पिता-पुत्री के बीच विवाद का विषय बन गया था क्योंकि दीपक को अकसर अपनी बेटी की कमाई पर निर्भर रहने के लिए ताना मारा जाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी आर्थिक रूप से संपन्न है और विभिन्न संपत्तियों को किराये पर देने से उसकी अच्छी आमदनी होती है, इसलिए वह बेटी की कमाई पर निर्भर नहीं था लेकिन ताने सुनने के कारण पिछले कुछ सप्ताह से अवसाद में था।
गुरुवार को राधिका की हुई थी हत्या
बता दें कि गुरुग्राम के सेक्टर 57 में सुशांत लोक स्थित दोमंजिला मकान में बृहस्पतिवार को राधिका (25) की उनके पिता दीपक यादव (49) ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। दीपक को शनिवार को शहर की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
(पीटीआई इनपुट के साथ)
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