सर्दी बढ़ते ही कदम थम जाते हैं। लोग घरों में सिमटने लगते हैं और शरीर धीरे-धीरे सुस्त पड़ने लगता है। और जब चलना कम होता है तो सबसे पहले गड़बड़ाते हैं बॉडी के बायो। स्लो ब्लड सर्कुलेशन, डाउन मेटाबॉलिज्म जिसका सबसे ज्यादा दबाव दिल पर पड़ता है। असल में ठंड में सुबह बिस्तर छोड़ना मुश्किल लगता है लेकिन याद रखिए जो आज नहीं चला उसके लिए कल चलना और मुश्किल हो जाएगा और यही वजह है कि आज हम बात करेंगे वॉक की। कितनी स्टेप्स हर रोज़ काफी है ? और सबसे जरूरी चलने का सही तरीका क्या है ?
ज़िंदगी का नाम ही चलते रहना है। जो ठहर गया, समझो वक्त से हार गया। इसमें कोई शक नहीं WALK एक कम्प्लीट कार्डियो एक्सरसाइज है। शायद यही वजह है कि आजकल रोज 10 हजार कदम चलना ट्रेंड बन गया है। लोग गिन भी रहे हैं और फॉलो भी कर रहे हैं। लेकिन असली सवाल ये है आप चल कैसे रहे हैं ? क्योंकि आराम-आराम से बिना पसीना आए बिना सांस तेज हुए चलना शरीर को सिग्नल ही नहीं देता कि उसे बदलना है। रिसर्च बताती है अगर आप सिर्फ कदम पूरे कर रहे हैं लेकिन लगातार नहीं चल रहे तो फायदा लिमिटेड रह जाता है। मान लीजिए कोई सुबह 30 मिनट लगातार चलता है और कोई पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा टहलता रहता है। दोनों के कदम बराबर हो सकते हैं लेकिन असर एक जैसा नहीं होगा। स्टडी भी कहती है 15 मिनट या उससे ज्यादा की लगातार वॉक दिल, फैट बर्न और वजन कंट्रोल के लिए कहीं ज्यादा असरदार है और जिन लोगों की लगातार वॉक 8 हजार कदम से ऊपर थी। उनमें दिल की बीमारी का खतरा 13% तक कम पाया गया। यानि बात साफ है चलना है तो तेज चलिए लगातार चलिए यानि ब्रिस्क वॉक कीजिए जब हार्ट रेट ऊपर जाता है। तभी फैट बर्न शुरू होता है। तभी मेटाबॉलिज्म एक्टिव होता है।
हां लेकिन उम्र ज्यादा है अब जैसे 60 की उम्र के बाद, जरूरी नहीं हर किसी के लिए लंबी वॉक सही हो। उनके लिए बेहतर है 15 से 20 मिनट लगातार चलना। डायबिटीज हो, घुटनों की परेशानी हो तो एक लम्बे वॉक के साथ दिन में 2-3 छोटे वॉक भी काफी फायदेमंद है। तो आज की सबसे बड़ी सीख यह है कि सिर्फ कदम मत गिनिए, कदमों की क्वालिटी गिनिए। रोज 10 हजार कदम अच्छी बात है। लेकिन 20-30 मिनट की लगातार तेज चाल सेहत की असली चाबी है।
खूब पानी पीएं।
स्ट्रेस कम लें।
खाना समय से खाएं।
1 किलो वजन घटाने से 1 पॉइंट कम होगा बीपी। 5 ग्राम से ज्यादा नमक न खाएं। 30 मिनट वर्कआउट से 5 से 8 पॉइंट बीपी कम होगी।
लौकी कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में कारगर साबित होता है। इसका सेवन आप सूप, सब्जी या फिर जूस की तरह कर सकते हैं। ये बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने में मदद करता है।
1 चम्मच अर्जुन की छाल, 2 ग्राम दालचीनी और 5 पत्ते तुलसी के पत्ते को उबालकर काढ़ा बनाएं। इसका सेवन रोज करें। इससे हार्ट हेल्दी रहता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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