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बाजार में धड़ल्ले से बिक रही हैं नकली दवाएं, खरीदने से पहले ऐसे करें असली और नकली दवा की पहचान

 Written By: Bharti Singh
 Published : Mar 08, 2024 11:13 am IST,  Updated : Mar 08, 2024 11:15 am IST

Identify Fake Medicines: सर्दी जुकाम या बुखार होने पर लोग अक्सर मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर खा लेते हैं। लेकिन ये दवाएं नकली भी हो सकती है। आजकल मार्केट में नकली दवाएं भी बिक रही हैं। दवा खरीदने से पहले जान लें असली और नकली दवा की कैसे करें पहचान?

असली नकली दवाओं की पहचान- India TV Hindi
असली नकली दवाओं की पहचान Image Source : FREEPIK

आजकल मार्केट में नकली दवाएं धड़ल्ले से बिक रही हैं। ज्यादातर लोग मेडिकल स्टोर से सर्दी, खांसी और बुखार की दवाएं खरीदकर खा लेते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाएं। ये दवाएं नकली भी हो सकती है। कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां पकड़ी गई है। ऐसे में जरूरी है कि आप जब भी ऑनलाइन या मेडिकल स्टोर से अपनी दवाएं खरीदें तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। नहीं तो आप नकली दवाएं खरीदकर भी घर ला सकते हैं। आइये जानते हैं कि नकली और असली दवाओं की कैसे पहचान करें। 

असली और नकली दवा की कैसे करें पहचान?

मेडिकल स्टोर से दवा खरीदते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि असली दवाओं पर क्यूआर कोड प्रिंट किया जाता है। इन दवाओं पर एक खास तरह का कोड प्रिंट होता है, जिसमें दवा के बारे में पूरी जानकारी और सप्लाई चेन की पूरी डिलेट दी गई होती है। ऐसे में जब भी आप दवा खरीदें तो ये चेक कर लें कि आपकी मेडिसिन पर ये कोड मौजूद है या नहीं। अगर दवा पर क्यूआर कोड नहीं है तो ये नकली दवा हो सकती है। आपको ऐसी दवाओं को खरीदने से बचना चाहिए।

नकली दवाएं
Image Source : FREEPIKनकली दवाएं

अगर यूनिक क्यूआर कोड वाली दवा खरीद रहे हैं तो क्यूआर कोड को स्कैन जरूर कर लें। इससे आपको दवा के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। आप इससे पता लगा सकते हैं कि ये दवा असली है या नकली। नियम के हिसाब से 100 रुपये से ज्यादा की कीमत वाली सभी दवाओं पर क्यूआर कोड अनिवार्य होता है। अगर दवा पर क्यूआर कोड नहीं हो तो इसे न खरीदें।

नकली दवाओं की पहचान
Image Source : FREEPIKनकली दवाओं की पहचान

दवाइयों पर जो क्यूआर कोड होत है वो एडवांस वर्जन का होता है। इसकी पूरी डिटेल सेंट्रल डेटाबेस एजेंसी से जारी की जाती है। अलग अलग दवाओं के साथ क्यूआर कोड भी बदला जाता है। इसलिए नकली क्यूआर कोड बनाना मुश्किल है।

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