Swami Ramdev Tips for Avoid Viral Disease: इन दिनों धूप-छांव के बीच बरसात भी लगातार आंख मिचौली खेल रही है। इसी मौसम में बेहद सावधान रहने की ज़रूरत है। क्योंकि हर पल बदलते मौसम के ये तेवर सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। लोग वायरल फीवर और बैक्टीरियल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। नतीजा यह है कि 24 घंटे सिरदर्द रहता है, सर्दी-खांसी, बॉडीपेन और पेट में भयंकर दर्द होता है। लूज़ मोशन-वॉमिट के साथ मरीज़ मांसपेशियों में अकड़न की शिकायत कर रहे हैं। इस वायरल में प्लेटलेट्स भी तेज़ी से गिरने लगते हैं जिससे खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में आज स्वामी रामदेव से जानिए कैसे योग, प्राणायाम और आयुर्वेद की मदद से इन बीमारियों को दूर भगाया जा सकता है।
कोरोना भी कर रहा है वार
डरने वाली बात तो ये भी है कि वायरल फीवर की आड़ में छिपकर कोरोना वायरस भी वार कर रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लक्षण एक जैसे होने की वजह से लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें वायरल हुआ है या कोरोना। बच्चों पर तो इन दोनों ही बीमारियों का ज़बरदस्त अटैक हो रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जो बच्चे मार्च-अप्रैल में पॉज़िटिव हुए थे वो दोबारा इन्फेक्टेड हो रहे हैं। तो डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर भी बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी अपना निशाना बना रहे हैं।
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हैंड फुट और माउथ डिज़ीज़ भी जोरों पर
सेहत पर मंडराता खतरा तो कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इन दिनों बच्चों में हैंड फुट और माउथ डिज़ीज़ भी तेज़ी से फैल रही है। इसमें अचानक बच्चों के मुंह में छाले हो जाते हैं। हाथ पैर पर लाल लाल दाने निकल आते हैं और ये बीमारी एक बच्चे से दूसरे बच्चों में फैलने का खतरा भी बना रहता है।
इन सीजनल बीमारियों से कैसे बचें
ऐसे में सवाल ये उठता है कि बच्चे और बड़े सीज़नल बीमारियों के अटैक से कैसे बचे? कैसे इम्यूनिटी इतनी स्ट्रॉन्ग बनाएं कि कोरोना, बैक्टीरियल इंफेक्शन, वायरल फीवर शरीर के डिफेंस सिस्टम को ना भेद पाए? तो जवाब ये है कि बीमारियां जितनी खतरनाक हैं, योग-आयुर्वेद में इनसे बचाव के तरीके उतने ही आसान हैं।
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क्या हैं बीमारियों के लक्षण
वायरल फीवरः वायरल फीवर में मरीज को सर्दी, खांसी, शरीर में दर्द, कमजोरी, पेट दर्द एवं दस्त हो सकते हैं। 5-7 दिनों में ये ठीक हो जाता है।
बैक्टेरियल फीवरः बैक्टेरियल फीवर में बुखार, शरीर में दर्द और उल्टी होती है।
मलेरियाः बुखार, सिरदर्द, जाड़ा देकर बुखार आना।
ये हैं आयर्वेदिक औषधियां
1 गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा बेहद फायदेमंद हैं।
2 अर्जुन की छाल-दालचीनी का काढ़ा पीएं, 2-3 ग्राम अर्जुन छाल पानी में पकाएं, काढ़ा पूरी तरह उबल जाने पर पीएं।
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