हर इंसान हमेशा जवान और चुस्त-दुरुस्त रहना चाहता है लेकिन आज के समय में कई समस्याओं का सामना कराना पडता है। अगर कम खाने के बावजूद आपका वजन तेजी से बढ़, तेजी से बाल बढ़़ने की समस्या हो रही है। अगर आप 30 साल की उम्र में ही ज्यादा उम्र के नजर आने लगे हैं तो समझ लें कि आप थायराइड की समस्या से परेशान है। भारत में हर दसवां व्यक्ति इस बीमारी से परेशान है। पुरुषों से मुकाबले महिलाओं को 10 गुना अधिक थायराइड की समस्या का सामना करना पड़ता है।
स्वामी रामदेव के अनुसार थायराइड को योग के द्वारा जड़ से आसानी से कत्म किया जा सकता है। जानिए थायराइड की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कौन-कौन से योगासन है कारगर।
थायराइड गले में स्थित एक ग्रंथि का नाम है। यह ग्लैंड गले के आगे के हिस्से में मौजूद होता है और इसका आकार एक तितली के समान होता है। यह बॉडी के कई तरह के मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। जब ये असंतुलित होता है तो थायरायड की बीमारी होती है। ये रोग हाइपो थायरायड और हाइपर थायरायड दो तरह का होता है।
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सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार करने से पूरा शरीर एनर्जी से भरा रहता है। इसके साथ ये हार्ट, फेफड़ों, किडनी आदि को हेल्दी रखने से साथ आपको जवां रखता है। इसके अलावा यह थायराइड से भी छुटकारा दिलाता है।
भ्रस्त्रिका
इस प्राणायाम को 3 तरह से किया जाता है। पहले में 5 सेकंड में सांस लें और 5 सेकंड में सांस छोड़े। दूसरे में ढाई सेकंड सांस लें और ढाई सेकंड में छोड़ें। तीसरा तेजी के साथ सांस लें और छोड़े। इस प्राणायाम को लगातार 5 मिनट करें। इस आसन को रोजाना 5-10 मिनट करें।
कपालभाति
इस प्राणायाम को करने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाती है। इसके साथ ही शरीर से विषाक्त तत्व बाहर निकल जाते हैं। वहीं थायराइड से भी निजात मिलता है।
उज्जायी
इस आसन में गले से सांस अंदर भरकर ऊं का उच्चारण किया जाता है। इससे थायराइड को काफी लाभ मिलता है। इस आसन को नियमित रूप से 7 से 11 बार करें।
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अनुलोम-विलोम
सबसे पहले पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब दाएं हाथ की अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बाएं नाक पर रखें और अंगूठे को दाएं वाले नाक पर लगा लें। तर्जनी और मध्यमा को मिलाकर मोड़ लें। अब बाएं नाक की ओर से सांस भरें और उसे अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बंद कर लें। इसके बाद दाएं नाक की ओर से अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकाल दें। इस आसन को 15 मिनट से लेकर आधा घंटा कर सकते हैं।
सिंहासन
इस आसन को थायराइड के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर फैला के बैठ जाएं। अब अपने दाएं पैर को मोड़ें और उसे बाएं पैर की जांघ पर रख लें और बाएं पैर को मोड़ें और उसे दाएं पैर की जांघ पर रख लें। अब आगे की ओर झुक जाएं और दोनों घुटनों के बल होते हुए अपने हाथों को सीधा करके फर्श पर रख लें। इसके बाद अपने शरीर के ऊपर के हिस्से को आगे की ओर खींचे। अपने मुंह को खोलें और अपने जीभ को मुंह से बाहर की ओर निकालें। नाक से सांस लेते हुए मुंह से आवाज करें। इस आसन को रोजाना 7 से 11 बार करें।
शीर्षासन
सर्वांगासन
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हलासन
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मंडूकासन
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