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भारत में कोविड वैक्सीन को लेकर सिर्फ सात प्रतिशत वयस्क ही हिचक रहे: सर्वेक्षण

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 06, 2021 06:03 pm IST,  Updated : Oct 06, 2021 06:03 pm IST

उन्होंने कहा कि इन 27 प्रतिशत लोगों को उन वर्गों में रखा जा सकता है जो वैक्सीन लगाए जाने के प्रति संकोची हैं। उन्होंने कहा कि यदि अधिक आंकड़े उपलब्ध हों या विभिन्न वैक्सीन उपलब्ध हों तो वे वैक्सीन लगवा सकते हैं।

Covid vaccine hesitancy in India at lowest level, only 7% adults now hesitant: Survey- India TV Hindi
एक नए सर्वेक्षण के अनुसार सिर्फ सात प्रतिशत भारतीय वयस्क ही अभी कोविड-19 वैक्सीन लगवाने में हिचक रहे हैं। Image Source : PTI

नयी दिल्ली: एक नए सर्वेक्षण के अनुसार सिर्फ सात प्रतिशत भारतीय वयस्क ही अभी कोविड-19 वैक्सीन लगवाने में हिचक रहे हैं। लोगों के बीच झिझक के मामले में यह अब तक का सबसे कम स्तर है। ऑनलाइन मंच लोकलसर्किल्स द्वारा किए गए एक अध्ययन में 301 जिलों के 12,810 नागरिकों से प्रतिक्रियाएं मिलीं। उनमें से 67 प्रतिशत पुरुष थे और 33 प्रतिशत महिलाएं थीं। अध्ययन में अब तक वैक्सीन नहीं लेने वाले नागरिकों से इसका कारण और वैक्सीन लगाने की उनकी योजना को समझने की कोशिश की गयी। भारत की वयस्क आबादी 94 करोड़ है और करीब 68 करोड़ लोग पहले ही कोविड वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ले चुके हैं। 

लोकलसर्किल्स के संस्थापक सचिन तपाडिया ने कहा कि सर्वेक्षण से पता लगता है कि वैक्सीन नहीं लेने वाले लोगों में से 46 प्रतिशत नागरिक जल्द ही अपनी पहली खुराक लेने की योजना बना रहे हैं। करीब 27 प्रतिशत ऐसे नागरिक थे जिन्होंने अभी तक वैक्सीन लेने की योजना नहीं बनाई है क्योंकि वे इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि क्या मौजूदा वैक्सीन कोरोना वायरस के वर्तमान और भविष्य के स्वरूपों से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करते हैं। 

उन्होंने कहा कि इन 27 प्रतिशत लोगों को उन वर्गों में रखा जा सकता है जो वैक्सीन लगाए जाने के प्रति संकोची हैं। उन्होंने कहा कि यदि अधिक आंकड़े उपलब्ध हों या विभिन्न वैक्सीन उपलब्ध हों तो वे वैक्सीन लगवा सकते हैं। वहीं, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में मंगलवार तक कोविड-19 वैक्सीन की 92 करोड़ से ज्यादा खुराक लोगों को दी जा चुकी है। 

मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार शाम सात बजे तक टीके की 54 लाख से ज्यादा खुराक दी गयी। उसने रेखांकित किया कि वैक्सीनेशन देश के सबसे संवेदनशील वर्ग को कोविड-19 से बचाने की कवायद है और उच्च स्तर पर इसकी लगातार निगरानी और समीक्षा की जाती है। देश में 16 जनवरी से शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान के तहत पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाया गया। 

वहीं कोरोना योद्धाओं का वैक्सीनेशन दो फरवरी से शुरू हुआ। कोविड-19 वैक्सीनेशन का अगला चरण एक मार्च से शुरू हुआ जिसमें वरिष्ठ नागरिकों (60 साल से ज्यादा आयु वाले) और विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त 45 साल से ज्यादा आयु वाले लोगों को वैक्सीन लगाया गया। देश में 45 साल से ज्यादा आयु वाले सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन अभियान एक अप्रैल से शुरू किया गया। सरकार ने एक मई से वैक्सीनेशन अभियान में विस्तार करते हुए 18 साल से ज्यादा आयु के सभी लोगों को वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया। 

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