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दिल्ली हिंसा: स्पेशल सेल की 10 टीमें कर रही शाहरुख की तलाश, कई शहरों में रेड

 Reported By: Atul Bhatia
 Published : Mar 02, 2020 10:07 pm IST,  Updated : Mar 02, 2020 11:30 pm IST

दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की 10 टीमें शाहरुख की तलाश में कई शहरों में रेड कर रही है।

Delhi Violence: 10 teams of Delhi Police special cell raid in many cities in search of Shahrukh- India TV Hindi
Delhi Violence: 10 teams of Delhi Police special cell raid in many cities in search of Shahrukh Image Source :

नई दिल्ली: दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की 10 टीमें शाहरुख की तलाश में कई शहरों में रेड कर रही है। शाहरुख मौजपुर में फायरिंग करने के बाद पानीपत पहुंचा था। उसकी मोबाइल फोन कॉल डिटेल से यह जानकारी स्पेशल सेल को मिली थी। उसके बाद से लगातार शाहरुख पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग अलग शहरो में छुपता रहा है। जिसमे कैराना, अमरोहा में उसके होने की जानकारी स्पेशल सेल को मिली थी। अभी बरेली में शाहरुख  के होने की पुख्ता लीड मिली है।

दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों को लेकर 369 FIR दर्ज हुईं हैं। आर्म्स एक्ट में 44 एफआईआर दर्ज हुई है और दंगों में 1284 लोगों को गिरफ्तार और हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने भी दिल्ली हिंसा मामले में 21 एफआईआर दर्ज की है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के बाद दर्ज किए गए हत्या के 47 मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा करेगी। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि कुछ मामलों को पहले ही अपराध शाखा को सौंप दिया गया है जबकि बाकी मामलों को मंगलवार या बुधवार को स्थानांतरित किया जाएगा। प्रत्यक्षदर्शियों का पता लगाने में हो रही मुश्किल के चलते पुलिस विभाग को जांच में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

सूत्रों ने कहा, “हमने दंगा प्रभावित इलाकों में कई लोगों से मुलाकात की लेकिन हमें किसी भी व्यक्ति की ओर से ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिला जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा सके। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दंगे में संलिप्त लोगों को हिरासत में लेना आसान है लेकिन हत्या के मामलों में इतनी सरलता से लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा, “अभी तक अधिकांश मामलों में हम प्रत्यक्षदर्शियों पर निर्भर हैं क्योंकि बहुत सारे सीसीटीवी कैमरे दंगे के दौरान तोड़ दिए गए थे।” गौरतलब है कि पिछले पांच दिन से हिंसा का कोई ताजा मामला सामने नहीं आया है और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है।

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