नई दिल्ली: दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों के आंदोलन का आज एक साल पूरा हो गया। आज पंजाब, यूपी और हरियाणा के किसान दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद किसानों ने दिल्ली कूच का नारा दिया और आज कई राज्यों के किसान दिल्ली पहुंचे हैं। पिछले साल 26 जनवरी को किसानों ने ट्रैक्टर रैली के नाम पर जो कुछ किया था उसके बाद से दिल्ली पुलिस भी काफी अलर्ट है और दिल्ली के बॉर्डर्स पर एक बार फिर से बैरीकेडिंग कर दी गई है। किसान संगठनों ने सरकार को अपनी मांगों पर झुकाने के लिए एक नया प्लान तैयार कर लिया है। प्लान एकदम साफ है जब तक एमएसपी समेत 6 मांगों पर मोदी सरकार फैसला नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। खबर ये भी है कि किसान संगठनों का प्लान यहां तक है कि पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले साल होने वाले चुनाव तक आंदोलन जारी रहेगा।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने झंडे-बैनर लेकर प्रदर्शन किया। टिकरी बॉर्डर पर किसान आज महापंचायत भी कर रहे हैं। तीन दिन बाद यानी 29 नवंबर को किसान संसद तक ट्रैक्टर रैली करने वाले हैं।
किसान आंदोलन का एक साल पूरा होने पर दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों का ट्रैक्टर मार्च हो रहा है। पंजाब-हरियाणा से हजारों किसान दिल्ली बॉर्डर पहुंचे है।
आज सभी बॉर्डरों पर लोग आएंगे और बातचीत करेंगे। अभी तो आंदोलन चल रहा है। केंद्र सरकार अगर बातचीत करेगी तो आगे का समाधान निकलेगा, वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। बिना बात के कैसे समाधान निकलेगा: किसान आंदोलन के एक साल पूरा होने पर किसान नेता राकेश टिकैत
किसानों द्वारा 26 नवंबर को आवाहन दिया गया है उस पर पुलिस की पूरी नजर है। इंतजाम किए गए हैं, जिससे कोई भी कानून को अपने हाथ में ना ले। हम सबसे अपील करते हैं कि कानून व्यवस्था को बनाएं रखें और पुलिस का सहयोग करें: किसानों द्वारा दिल्ली कूच पर दिल्ली पुलिस के PRO चिन्मय बिस्वाल
आज सभी बॉर्डरों पर लोग आएंगे और बातचीत करेंगे। अभी तो आंदोलन चल रहा है। केंद्र सरकार अगर बातचीत करेगी तो आगे का समाधान निकलेगा, वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। बिना बात के कैसे समाधान निकलेगा: किसान आंदोलन के एक साल पूरा होने पर किसान नेता राकेश टिकैत
ट्रैक्टर में किसान अपने लिए जरूरी सामान भी लेकर आ रहे हैं जिससे वो यहां कुछ दिन ठहर सकें।
किसान संगठन आज ट्रैक्टर से दिल्ली में एंट्री करने की तैयारी में हैं। बड़ी संख्या में पंजाब, हरियाणा और वेस्टर्न यूपी के किसान, दिल्ली बॉर्डर पर इकट्ठे हो रहे हैं।
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