बेंगलुरु: कर्नाटक में फिर से सत्ता पर काबिज होने की उम्मीद में BJP ने शुक्रवार बड़ा दांव खेला। पूर्व IAS अधिकारी और दलित समाजसेवी K शिवराम को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में BJP में शामिल कर लिया गया। इससे पहले शिवराम कांग्रेस पार्टी में भी रह चुके हैं और JDS के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुके हैं। बीजेपी ये मान रही है कि प्रभावशाली लिंगायत जाति के समर्थन के साथ-साथ अगर दलितों का भी सपोर्ट मिल जाये तो 2018 में कर्नाटक में फिर सत्ता पर काबिज़ होना आसान हो जाएगा।
कौन हैं शिवराम
कन्नड़ मीडियम में IAS पास करने वाले K शिवराम कर्नाटक के पहले और एक मात्र अफसर हैं। शिवराम ने फिल्मों में भी अभिनय किया है। उन्होंने 5 कन्नड़ फिल्मों में काम किया जिसमें से 2 फ़िल्में हिट भी रहीं। IAS अफसर रहते हुए फिल्मों में काम करने की वजह से तब की कांग्रेस सरकार ने शिवराम को कई बार नोटिस भी दिया लेकिन उन्होंने एक्टिंग नहीं छोडी। JDS के कुमारस्वामी 2006 में जब CM बने तब उन्होंने भी शिवराम को कड़ी चेतावनी दी जिसके बाद शिवराम ने VRS ले लिया।
IAS अधिकारी रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे लेकिन कहा जाता है कि दलित कार्ड खेलकर उन्होंने खुद को कानून के शिकंजे से बचा लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी जाति का संगठन चेलवाडी महासभा बना लिया, अपनी जाति के वोट बैंक पर उनका अच्छा खासा प्रभाव है। 2008 चुनाव से पहले वे कांग्रेस में शामिल हो गए लेकिन 2008 के चुनावों में उन्हें टिकिट न मिलने के चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़ दिया।
2014 चुनाव से पहले वे JDS में शामिल हुए पार्टी ने उन्हें बीजापुर सीट से उम्मीदवार भी बनाया लेकिन वे चुनाव हार गए। लेकिन अपनी जाति पर उनका असर अब भी बरकरार है। यही वजह है कि BJP ने अब उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया है।