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Agneepath Scheme: अग्निवीरों के लिए रक्षा मंत्रालय की 10 प्रतिशत नौकरियों में आरक्षण, राजनाथ सिंह ने पास किया प्रस्ताव

 Published : Jun 18, 2022 03:53 pm IST,  Updated : Dec 16, 2022 09:14 am IST

Agneepath Scheme: अग्निपथ योजना पर सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब रक्षा मंत्रालय में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। रक्षा मंत्रालय में 10 फीसदी सीटें अग्निवीरों के लिए रिजर्व रखी जाएंगी।

Defence Minister Rajnath Singh- India TV Hindi
Defence Minister Rajnath Singh Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • रक्षा मंत्रालय में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण
  • 10 फीसदी सीट अग्निवीरों के लिए होंगी रिजर्व
  • कोस्ट गार्ड और सिविल डिफेंस में भी 10% कोटा

Agneepath Scheme: अग्निपथ योजना पर सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब रक्षा मंत्रालय में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। रक्षा मंत्रालय में 10 फीसदी सीटें अग्निवीरों के लिए रिजर्व रखी जाएंगी। बताया गया है कि कोस्ट गार्ड और सिविल डिफेंस में भी अग्निपथ योजना के अग्निवीरों को 10% कोटा मिलेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोटा रिजर्व करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

आरक्षण को लेकर रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?  

ये 10% आरक्षण इंडियन कोस्ट गार्ड, सिविल डिफेंस के पदों और सभी 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लागू किया जाएगा। बता दें कि यह आरक्षण रिटायर्ड सैनिकों के लिए मौजूदा आरक्षण के अतिरिक्त होगा।

रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि इन प्रावधानों को लागू करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भी कहा जाएगा कि वे अपने संबंधित भर्ती नियमों में समान संशोधन करें। इसी के साथ आवश्यक आयु में छूट का प्रावधान भी लागू किया जाएगा।

राजनाथ सिंह ने किया योजना का बचाव

'अग्निपथ' योजना को लेकर तेज होते विरोध प्रदर्शनों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को योजना का बचाव करते हुए कहा कि इसे पूर्व सैनिकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। सिंह ने कहा कि योजना के संबंध में राजनीतिक कारणों से ''भ्रम'' फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना सैनिकों की भर्ती प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत भर्ती कर्मियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस योजना को पूर्व सैनिकों के साथ लगभग दो साल तक विचार-विमर्श करने के बाद लागू किया गया है और इस संबंध में आम सहमति के आधार पर निर्णय लिया गया है। 

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