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सरकार ने यूक्रेन संघर्ष, दिल्ली दंगों की कवरेज पर टीवी चैनलों को सख्त हिदायत दी

 Published : Apr 23, 2022 04:17 pm IST,  Updated : Apr 23, 2022 04:17 pm IST

मंत्रालय ने निजी टीवी चैनलों को असंसदीय, भड़काऊ और सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा, सांप्रदायिक टिप्पणियों और अपमानजनक संदर्भों के प्रसारण के खिलाफ चेतावनी दी है।

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Security forces personnel stand guard as girls walk to school in the violence-hit Jahangirpuri area, in New Delhi. Image Source : PTI

Highlights

  • यूक्रेन-रूस संघर्ष पर रिपोर्टिंग के मामले में मंत्रालय ने पाया है कि चैनल निंदनीय सुर्खियां बना रहे हैं।
  • पत्रकारों ने निराधार और मनगढ़ंत दावे किए हैं और दर्शकों को उकसाने के लिए अतिशयोक्ति का इस्तेमाल किया है।

नयी दिल्ली: सरकार ने यूक्रेन-रूस संघर्ष और दिल्ली दंगों की टेलीविजन कवरेज पर शनिवार को आपत्ति जताते हुए समाचार चैनलों को सख्त परामर्श जारी किया, जिसमें उनसे संबद्ध कानूनों द्वारा निर्धारित कार्यक्रम संहिता का अनुपालन करने के लिए कहा गया है। मंत्रालय ने आज जारी एक विस्तृत परामर्श में केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 की धारा 20 के प्रावधानों का पालन करने का आह्वान किया है, जिसमें इसके तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता भी शामिल है।

मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, 'मंत्रालय ने पाया है कि हाल के दिनों में कई सैटेलाइट टीवी चैनलों ने घटनाओं और घटनाओं के कवरेज को इस तरह से किया है, जो अप्रमाणिक, भ्रामक, सनसनीखेज तथा सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा एवं टिप्पणियों का इस्तेमाल करते हुए, अच्छे माहौल और शालीनता पर चोट पहुंचाने वाले, अश्लील और मानहानिकारक तथा साम्प्रदायिक राग अलापने वाले हैं। एडवाइजरी में यूक्रेन-रूसी संघर्ष और विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम दिल्ली की घटनाओं का हवाला दिया गया है, जहां टीवी समाचार सामग्री और बहस कार्यक्रम में संहिता का उल्लंघन पाया गया है।'

मंत्रालय ने कहा, ‘जबकि यूक्रेन-रूस संघर्ष पर रिपोर्टिंग के मामले में मंत्रालय ने पाया है कि चैनल निंदनीय सुर्खियां बना रहे हैं और पत्रकारों ने निराधार और मनगढ़ंत दावे किए हैं और दर्शकों को उकसाने के लिए अतिशयोक्ति का इस्तेमाल किया है। दिल्ली हिंसा के मामले में, कुछ चैनलों ने भड़काऊ सुर्खियों और हिंसा के वीडियो वाले समाचार प्रसारित किए हैं, जो समुदायों के बीच सांप्रदायिक घृणा को भड़का सकते हैं तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं। चैनलों ने अधिकारियों के द्वारा की गई कार्रवाई को सांप्रदायिक रंग देकर सुर्खियां बटोर ली हैं।’

विज्ञप्ति में कहा गया, 'मंत्रालय ने निजी टीवी चैनलों को असंसदीय, भड़काऊ और सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा, सांप्रदायिक टिप्पणियों और अपमानजनक संदर्भों के प्रसारण के खिलाफ चेतावनी दी है, जो दर्शकों पर नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकते हैं और सांप्रदायिक वैमनस्य को भी भड़का सकते हैं और बड़े पैमाने पर शांति भंग कर सकते हैं। मंत्रालय ने आज उल्लंघन के इन मामलों का उदाहरण देते हुए, प्रसारित कार्यक्रमों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और इसके तहत नियमों के उल्लंघन के खिलाफ दृढ़ता से सलाह दी है। चेतावनी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट www.mib.gov.in पर उपलब्ध है।'

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