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Operation Sindoor: कर्नल सोफिया कुरैशी ने सेना में जाने के लिए अधूरी छोड़ी पीएचडी, परिवार बोला- हमारे खून में है देशभक्ति

 Published : May 07, 2025 08:10 pm IST,  Updated : May 07, 2025 09:37 pm IST

कर्नल सोफिया के पिता ताजुद्दीन कुरैशी ने कहा कि उनके परिवार को केवल देश की फिक्र है। ताजुद्दीन ने कहा, मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। हम पहले भारतीय हैं और बाद में मुसलमान। हमें सिर्फ़ अपने देश की फिक्र है।

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कर्नल सोफिया कुरैशी Image Source : PTI

वडोदरा: विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में बुधवार सुबह ‘ब्रीफिंग’ की तो गुजरात में उनका परिवार गर्व से झूम उठा। उनके परिवार के अनुसार वडोदरा शहर की कर्नल सोफिया ने सेना में अधिकारी बनने के लिए पीएचडी और टीचिंग करियर छोड़ दिया था। उनके माता-पिता और भाई मोहम्मद संजय कुरैशी शहर के तंदलजा इलाके में रहते हैं। संजय ने कहा कि उनकी बहन को दादा और पिता से प्रेरणा मिली जो सेना में थे। संजय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आप कह सकते हैं कि देशभक्ति हमारे खून में है। स्कूल खत्म करने के बाद सोफिया ने वडोदरा में एम एस यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में बीएससी और फिर एमएससी किया, क्योंकि वह प्रोफेसर बनना चाहती थी।’’

पूरे परिवार को सोफिया की उपलब्धि पर गर्व

संजय के साथ उनके पिता ताजुद्दीन कुरैशी, मां हनीमा और बेटी जारा भी थे। संजय ने कहा, मेरी बहन असिस्टेंट लेक्चरर के रूप में यूनिवर्सिटी से जुड़ी और साथ ही उसी विषय में पीएचडी भी की, क्योंकि वह प्रोफेसर बनना चाहती थी। इस बीच, उसका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के माध्यम से भारतीय सेना में हो गया और उसने सेना में शामिल होने के लिए अपनी पीएचडी और टीचिंग करियर छोड़ने का फैसला किया।’’ उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को सोफिया की उपलब्धि पर गर्व है। संजय की बेटी जारा ने भी उनको रोल मॉडल बताते हुए सेना में शामिल होने का मन बनाया है।

'हम पहले भारतीय हैं और बाद में मुसलमान'

कर्नल सोफिया के पिता ताजुद्दीन कुरैशी ने कहा कि उनके परिवार को केवल देश की फिक्र है। ताजुद्दीन ने कहा, ‘‘मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। मेरा परिवार हमेशा ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ (हम राष्ट्र को जीवंत और जागृत बनाए रखेंगे) के सिद्धांत का पालन करता आया है। हम पहले भारतीय हैं और बाद में मुसलमान। हमें सिर्फ़ अपने देश की फिक्र है।’’

2 महिला अधिकारियों ने दी ऑपरेशन सिंदूर की पूरी जानकारी

भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के कुछ ही घंटों बाद ‘प्रेस ब्रीफिंग’ में विदेश सचिव मिसरी के साथ दो महिला अधिकारी-विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सरकार की ओर से शुरुआती बयान दिया। कुरैशी और सिंह ने 6-7 मई की रात को एक बजे से डेढ़ बजे तक निशाना बनाए गए स्थानों के नाम और डिटेल साझा किए।

भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में अधिकारी हैं सोफिया के पति

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों के मारे जाने के लगभग दो हफ्ते बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य हमले किए गए। बाद में, गुजरात सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि कर्नल सोफिया ने 1997 में मास्टर्स किया और फिर सेना की सिग्नल कोर में शामिल हो गईं। सोफिया के पति भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में अधिकारी हैं। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘वर्ष 2016 में कर्नल सोफिया ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब वह विदेश में भारतीय सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। वह ‘फोर्स 18’ में भाग लेने वाले 18 देशों में एकमात्र महिला कमांडर बनीं, जो आसियान प्लस देशों का एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है।’’ इसमें कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों के तहत छह वर्ष के कार्यकाल के दौरान 2006 में उन्हें कांगो में तैनात किया गया था। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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