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Jharkhand News: झारखंड में डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा, अब तक 500 से ज्यादा मिले मरीज

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 15, 2022 11:23 pm IST,  Updated : Oct 15, 2022 11:23 pm IST

Jharkhand News: डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज रांची में पाए गए हैं। सितंबर महीने में रांची में डेंगू के लिए 529 सैंपल की जांच की गई। इनमें से 71 पॉजिटिव केस पाए गए।

Jharkhand News- India TV Hindi
Jharkhand News Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE

Highlights

  • रिम्स में फिलहाल डेंगू के 15 मरीज भर्ती हैं
  • इलाज आइसोलेशन वार्ड में किया जा रहा

Jharkhand News: झारखंड में डेंगू और चिकनगुनिया का बढ़ता प्रकोप डराने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इन दोनों बीमारियों के 500 से ज्यादा मरीज मिले हैं। इसे लेकर विभाग ने अलर्ट जारी किया है। राज्य मुख्यालय ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मामलों पर नजर रखने और सभी सरकारी अस्पतालों में इन बीमारियों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में फिलहाल डेंगू के 15 मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज आइसोलेशन वार्ड में किया जा रहा है।

इस महीने 141 डेंगू और 182 चिकनगुनिया से पीड़ित

डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज रांची में पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में रांची में डेंगू के लिए 529 सैंपल की जांच की गई। इनमें से 71 पॉजिटिव केस पाए गए। चिकनगुनिया के भी इतने ही सैंपल की जांच में 98 लोग इससे पीड़ित पाए गए। पूरे राज्य की बात करें, तो इस महीने कुल 1092 सैंपल की जांच में 141 लोग डेंगू और 182 लोग चिकनगुनिया से पीड़ित पाए गए।

सैंपल में कुल 552 घरों में डेंगू के लार्वा पाए गए

इधर, रांची के नगर निगम ने शहर के तीन वार्ड में डेंगू के लार्वा की जांच के लिए सैंपल सर्वे किया। वार्ड नंबर 51,52 और 53 के घरों से जुटाए गए सैंपल में कुल 552 घरों में डेंगू के लार्वा पाए गए। इस रिपोर्ट के आधार पर रांची की मेयर आशा लकड़ा ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि निगम क्षेत्र में युद्ध स्तर पर कोल्ड फॉगिंग शुरू कराएं। इसके साथ ही नालियों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में हैंड स्प्रे का भी निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने सभी सिविल सर्जन को भेजे गए निर्देश में कहा है कि इन बीमारियों के सैंपल जांच से लेकर इलाज तक की व्यवस्था पर निगरानी रखें।

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