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Government Action on PFI: केंद्र ने 5 साल के लिए PFI पर लगाया बैन, टेरर मॉड्यूल को लेकर की कार्रवाई

 Published : Sep 28, 2022 06:47 am IST,  Updated : Sep 28, 2022 10:38 am IST

Government Action on PFI: केंद्र सरकार ने PFI को बैन कर दिया है। कई राज्यों ने बैन करने की उठाई थी मांग।

PFI के खिलाफ केंद्र सरकार ने की बड़ी कार्रवाई- India TV Hindi
PFI के खिलाफ केंद्र सरकार ने की बड़ी कार्रवाई Image Source : INDIA TV

Highlights

  • 15 राज्यों में एक्टिव है PFI
  • PFI पर टेरर फंडिंग से देश के कई शहरों में दंगे फैलाने और हत्याओं का आरोप
  • देश के कई राज्यों में की गई थी ताबड़तोड़ छापेमारी

Government Action on PFI: केंद्र सरकार ने PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और उसके कुछ सहयोगी संगठनों को बैन कर दिया है। इसे लेकर गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है। PFI को बैन करने की मांग जांच एजेंसी व कई राज्यों ने की थी। हाल ही में NIA और तमाम राज्यों की पुलिस और एजेंसियों ने PFI के ठिकानों पर छापेमारी कर सैकड़ों गिरफ्तारियां की थीं। जांच एजेंसियों ने ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत देश भर में इस संगठन के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। बता दें, PFI पर टेरर फंडिंग से देश के कई शहरों में दंगे फैलाने और हत्याओं का आरोप है।

केंद्र ने PFI के अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO), नेशनल वीमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन, केरल जैसे सहयोगी संगठनों को भी बैन किया है।

असम के CM ने किया ट्वीट

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा PFI बैन को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होने कहा कि मैं भारत सरकार द्वारा PFI पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत करता हूं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है कि भारत के खिलाफ विभाजनकारी या विघटनकारी डिजाइन से सख्ती से निपटा जाएगा।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी फैसले का किया स्वागत

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने भी मामले पर अपनी राय व्यक्त की है। मौलाना ने कहा कि सरकार ने कट्टरपंथी संगठन PFI पर प्रतिबंध लगाकर अच्छा कदम उठाया है। मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने आगे कहा कि भारत की सरज़मीं कट्टरपंथी विचारधारा की सरज़मीं नहीं है और न यहां ऐसी कट्टरपंथी विचारधारा पनप सकती जिससे मुल्क़ की एकता-अखंडता को खतरा हो। 

कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी

गौरतलब है कि 22 सितंबर और 27 सितंबर को जांच एंजसियों ने राज्य पुलिस के साथ PFI पर देश के कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। 22 सितंबर की छापेमारी में PFI के 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरे बार की छापेमारी में PFI से जुड़े सैकड़ों लोगों को पकड़ा गया। बता दें कि जांच एजेसियों ने गृह मंत्रालय से इस संगठन पर कार्रवाई की मांग की थी।

247 लोगों को हिरासत

खबरों के मुताबिक, बीते दिन 27 सितंबर को कर्नाटक पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में करीब 8 घंटे तक चले अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में ले लिया, जिनमें अधिकतर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के पदाधिकारी और सदस्य हैं। पुलिस के अनुसार, उसे खुफिया जानकारी मिली थी कि ये लोग समाज में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों ने पीएफआई के खिलाफ इसे ‘अब तक का सबसे बड़ा अभियान’ करार दिया।

15 राज्यों में 93 जगहों पर एक साथ छापे

वहीं, NIA की अगुवाई में कई एजेंसियों ने गुरुवार यानी 22 सितंबर को 15 राज्यों में 93 जगहों पर एक साथ छापे मारे और देश में आतंकवाद के वित्त पोषण में कथित तौर पर शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 106 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केरल में पीएफआई के सबसे अधिक 22 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में इसके अध्यक्ष ओ.एम.ए सलाम भी शामिल हैं। 

15 राज्यों में एक्टिव है PFI

बता दें कि PFI अभी यूपी, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना में एक्टिव है।

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