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Jharkhand News: सीएम सोरेन बोले- राज्य में अवैध खनन पर लगनी चाहिए रोक, हुआ तो अधिकारियों की खैर नहीं

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : May 22, 2022 07:13 am IST,  Updated : May 22, 2022 07:20 am IST

Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में अवैध खनन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि कहीं भी अवैध खनन हुआ, तो अधिकारियों की खैर नहीं है।

CM Hemant Soren- India TV Hindi
Jharkhand CM Hemant Soren Image Source : CM HEMANT SOREN (PHOTO- PTI)

Highlights

  • अवैध खनन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं: सीएम सोरेन
  • 'अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें'
  • खान सचिव पूजा सिंघल मनरेगा-खनन घोटाले में गिरफ्तार

Jharkhand News: भ्रष्टाचार के आरोपों में झारखंड की खान सचिव पूजा सिंघल की गिरफ्तारी एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के सीधे तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोपों के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में अवैध खनन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि कहीं भी अवैध खनन हुआ, तो अधिकारियों की खैर नहीं है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों एवं पुलिस अधिक्षकों के साथ अपने आवासीय कार्यालय से समीक्षा बैठक की और इस दौरान अवैध खनन के खिलाफ उपर्युक्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, "राज्य में किसी भी प्रकार के अवैध खनन पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। अवैध खनन में संलिप्त लोगों या माफियाओं के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी तरीका तैयार करें।" 

उन्होंने कहा कि कुछ खनन माफियाओं की ओर से जानबूझकर अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे सरकार की छवि खराब की जा सके। उन्होंने धनबाद, हजारीबाग समेत कोयला खनन वाले जिलों एवं पाकुड़, चाईबासा, लातेहार, रांची आदि पत्थर खनन वाले जिलों में पदस्थापित अधिकारियों को विशेष तौर पर कड़ी हिदायत देते हुए अवैध खनन पर लगाम लगाने का निर्देश दिया। 

ईडी का दावा, झारखंड हाई कोर्ट में हलफनामा

सोरेन ने दो टूक कहा कि अवैध खनन हुआ तो अब अधिकारियों की खैर नहीं। मुख्यमंत्री की अवैध खनन पर यह उच्चस्तरीय ऐसे समय में हुई है जब स्वयं उनकी खान सचिव पूजा सिंघल मनरेगा और खनन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से 11 मई को गिरफ्तार कर ली गई हैं और उनसे पूछताछ में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो चुके हैं। इतना ही नहीं प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दावा किया है कि राज्य के खनिज विभाग में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार में मुख्यमंत्री कार्यालय के भी सीधे तौर पर शामिल होने के सबूत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। 

इन आरोपों और अवैध ढंग से मुख्यमंत्री और खान मंत्री रहते अपने नाम से रांची में एक खनन पट्टा आवंटित करवाने के चक्कर में मुख्यमंत्री और उनकी सरकार की कुर्सी छिनने की नौबत आ गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन से संबंधित शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर जारी करें और किसी भी माध्यम से अवैध खनन को लेकर शिकायतें आती हैं, तो उन शिकायतों पर खनन नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करें। 

अवैध खनन से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है: सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध खनन से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है और कई बार ऐसी सूचनाएं मिलती हैं कि अवैध खनन क्षेत्रों में सुरंगों के अंदर लोग दबकर मर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कुछ लोग ट्रांसपोर्ट के जरिए भी कोयले की चोरी करते हैं, ऐसे झारखंड पुलिस और आरपीएफ आपसी समन्वय बनाकर इस प्रकार की कोयला चोरी को रोकने का कार्य करें। 

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक आगामी पहली जून से 15 जून 2022 तक विशेष अभियान चलाकर अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। सोरेन ने कहा कि 15 जून के बाद अवैध खनन से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक एक बार फिर आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अवैध खनन रोकने को लेकर जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे उपायों की जानकारी सप्ताह में एक बार मीडिया के समक्ष रखें। 

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, एडीजी सीआईडी प्रशांत सिंह, आई जी ए स्पेशल ब्रांच प्रभात कुमार, माइंस कमिश्नर जितेंद्र कुमार सिंह, माइंस डायरेक्टर अमित कुमार और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे। 

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