किसान संगठन आज शंभू बॉर्डर और खनौली बॉर्डर से दिल्ली के लिए कूच करने वाले हैं।.किसी भी वक्त किसानों की मूवमेंट शुरू हो सकती है। किसान इस बार पूरी तैयारी के साथ आए हैं और उनके पास ना केवल हेवी मशीनें हैं बल्कि गैस मास्क, शील्ड और ड्रोन गिराने के लिए पतंगें भी लेकर आए हैं। किसानों की तैयारी देखकर लग रहा है कि लंबे समय से ये प्लानिंग की गई है। किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। बॉर्डर पर पुलिस के साथ-साथ पैरा मिलिट्री के जवानों को भी तैनात किया गया है। बॉर्डर पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है।.
किसान संगठन दिल्ली जाने पर अड़े हुए हैं... जानें पल-पल के अपडेट्स
दाता सिंह-खनौरी सीमा पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया और उसमें मिर्च पाउडर डालकर पराली जलाई, साथ में लाठी-डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया और पथराव भी किया। इस दौरान करीब 12 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। हम प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील करते हैं: हरियाणा पुलिस
किसान आंदोलन की वजह से उत्तरी राज्यों को हर रोज 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान के MSME प्रभावित हुए हैं। कच्चे माल की कमी से डिमांड पूरी करने में मुश्किलें आ रही हैं। 34 लाख MSME के 70 लाख श्रमिकों पर इसका असर पड़ रहा है।
हरियाणा के बहादुरगढ़ में झज्जर पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला है। किसान शंभू बॉर्डर पर लगातार हरियाणा के रास्ते दिल्ली में घुसने की कोशिशों में लगे हुए हैं।
हरियाणा पुलिस ने शंभू और खनौरी सीमाओं पर किसानों को बैरिकेड्स की ओर बढ़ने से रोकने के लिए उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े। पंजाब-हरियाणा सीमा पर खनौरी में भी ऐसी ही स्थिति देखी गयी जब हरियाणा पुलिस ने अवरोधकों की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले छोड़े।
दिल्ली: किसानों के विरोध पर केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, "किसी भी चीज का समाधान लगातार बातचीत से ही निकाला जा सकता है। मैं किसान संगठन से अपील करता हूं कि सभी मुद्दों का समाधान निकालने के लिए बातचीत के रास्ते आगे बढ़ें।"
कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने प्रदर्शनकारी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सहित सभी मुद्दों पर पांचवें दौर की वार्ता के लिए बुधवार को आमंत्रित किया। मंत्री ने प्रदर्शनकारी किसानों से शांति बनाये रखने और समाधान खोजने के लिए वार्ता में शामिल होने की भी अपील की।
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक आज किसी किसान की मृत्यु नहीं हुई है। ये महज एक अफवाह है। दाता सिंह-खनौरी सीमा पर दो पुलिसकर्मी और एक प्रदर्शनकारी के घायल होने की सूचना है: हरियाणा पुलिस
चिल्ला बॉर्डर पर जाम लग गया है, गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पा रही हैं दिल्ली से नोएडा जाना मुश्किल हो गया है और नोए़डा से दिल्ली आने वालों को भी काफी दिक्कत हो रही है।. दिल्ली को गाजियाबाद से जोड़ने वाले NH-9 का भी यही हाल है।
दिल्ली और यूपी को जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर का भी यही हाल है, सड़कों पर गाडि़यों की कतार लगी हैं। लंबा जाम है, बड़ी मुश्किल से गाड़ी छोड़ी-थोड़ी आगे बढ़ पा रही है।
थोड़ी देर पहले पुलिस के आंसू गैस से तितर-बितर हुए किसान एक बार फिर शंभू बॉर्डर पर जुटना शुरू हो गए हैं। किसान शंभू बॉर्डर पर बने बैरिकेड को तोड़कर हरियाणा में घुसने की कोशिश में हैं। उन्हें तितर-बितर करने के लिए हरियाणा पुलिस की तरफ से लगातार आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। शंभू बॉर्डर पर इस वक्त अफरा-तफरी का माहौल है।.हरियाणा पुलिस ने अभी किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया है.।किसान भारी मशीनरी के साथ शंभू बॉर्डर पर तैयार हैं तो पुलिस भी भारी संख्या में मुस्तैद है। हंगामे के बीच सरकार ने किसानों को एक बार फिर बातचीत का न्योता दिया है। सरकार ने किसानों को पांचवें दौर की बातचीत के लिए आगे आने को कहा है।
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगा भीषण जाम। दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली की तरफ जाने वाली सभी लेन पर भीषण जाम लगा है। रेंग रेंग कर चल रहे वाहन। दिल्ली पुलिस ने किसानों के दिल्ली पहुंचने की संभावना के चलते गाजीपुर बॉर्डर पर एक-एक लेन पर लगाई हुई है बेरीकेडिंग, जिसके चलते रास्ता संकरा होने से लगा हुआ है जाम।
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शंभू बॉर्डर पर हंगामा शुरू हो गया है। किसानों के दिल्ली कूच से पहले पुलिस ने अभी-अभी आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। हरियाणा पुलिस किसी भी कीमत में किसानों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहती तो वहीं किसान भी मशीनों के साथ दिल्ली कूच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर टेंशन लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में आंदोलनकारी किसान बॉर्डर पर पहुंचे हैं और.वो थोड़ी देर में दिल्ली कूच करना चाहते हैं लेकिन उन्हें रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने भी बड़ी तैयारी कर रखी है। बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है और साथ ही सीमेंट की बैरेकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं ताकि किसानों को वहीं रोका जा सके। ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। उधर, किसान नेताओं का कहना है कि वो शांति पूर्ण तरीके से दिल्ली जाकर अपना प्रदर्शन करना चाहते हैं।
किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए निहंग सिख भी तलवारों के साथ काफ़ी तादाद में पहुंचे हैं।
सूत्रों के मुताबिक़ - दिल्ली पुलिस ने सिक्योरिटी अरेंजमेंट को लेकर हरियाणा के शंभू बॉर्डर बॉर्डर का जायजा लिया है। उसी के तर्ज पर दिल्ली की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। टिकरी बोर्डर पर 13 लेयर की सिक्योरिटी लगाई गई है। किसानों के हाइड्रोलिक और पोकलेन मशीनों को लेकर भी तैयारी कर रही है।
किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली के बॉर्डर को किया गया सील, बॉर्डर पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई। पुलिस के साथ पैरा मिलिट्री के जवान तैनात। 12 मार्च तक दिल्ली में लागू है धारा 144।
किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा पुलिस ने ट्वीट किया है। पुलिस ने शंभू बॉर्डर से JCB, पोकलेन मशीन हटाने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि इन मशीनों से सुरक्षाबलों को हो सकता है नुकसान और अगर मशीनें नहीं हटाई तो पुलिस कार्रवाई-करेगी।
वहीं दूसरे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि किसानों ने सरकार को काफी समय दिया लेकिन सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही है।.किसानों की मांगों पर सरकार की मंशा ठीक नहीं है, वो किसानों के लिए कुछ नहीं करना चाहती है।
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर का बड़ा आरोप-किसानों के खिलाफ सरकार कर रही साजिश, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डाले जा रहे हैं और पुलिस के लोग किसानों को भड़का रहे हैं।
किसान हर झड़प के लिए बेहद आक्रामक तैयारी के साथ आए हैं। उनके पास गैस मास्क हैं, ड्रोन को उलझाने के लिए पतंगे साथ में लेकर आए हैं तो वहीं लोहे की बड़ी-बड़ी शील्ड भी उनके पास है ताकि लाठी चार्ज की संभावना हो तो वो पुलिस का मुकाबला कर सकें।
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