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साबरमती रिवरफ्रंट पर महात्मा गांधी के सिरेमिक भित्ति चित्र का उद्घाटन कल, बनाने में लगे 2975 कुल्हड़

 Reported By: Nirnay Kapoor @nirnaykapoor
 Published : Jan 29, 2022 06:07 pm IST,  Updated : Jan 29, 2022 06:07 pm IST

रिवर फ्रंट हाउस में स्थापित महात्मा गांधी का यह म्युरल शहर के नागरिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। बता दें कि इसको बनाने के लिए कुल 2975 कुल्हड़ों का उपयोग किया गया। जिसका वजन लगभग 900 किलोग्राम है।

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साबरमती रिवरफ्रंट पर महात्मा गांधी के सिरेमिक भित्ति चित्र का उद्घाटन कल, बनाने में लगे 2975 कुल्हड़ Image Source : INDIA TV

Highlights

  • महात्मा गांधी के इस Mural का आकार 100 वर्ग मीटर है
  • म्युरल को बनाने के लिए KVIC ने भारत में सिरेमिक उद्योगों में अपनाई जा रही नई तकनीकों का प्रयोग किया है

अहमदाबाद (गुजरात): केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल 30 जनवरी को शहीद दिवस के मौके पर अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट पर महात्मा गांधी के Mural (भित्ति चित्र) का उद्घाटन करेंगे। रिवर फ्रंट हाउस में स्थापित महात्मा गांधी का यह म्युरल शहर के नागरिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। बता दें कि इसको बनाने के लिए कुल 2975 कुल्हड़ों का उपयोग किया गया। जिसका वजन लगभग 900 किलोग्राम है।

  • राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के Mural (भित्ति चित्र) को अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट हाउस के उत्तरी भाग में स्थापित किया गया है।  
  • महात्मा गांधी के इस Mural का आकार 100 वर्ग मीटर है। ऊंचाई 12.2 मीटर जबकि चौड़ाई 8.19 मीटर (लगभग 40 फीट x 27 फीट) है।
  • महात्मा गांधी के इस म्युरल (Mural) को बनाने के लिए कुल 2975 कुल्हड़ों का उपयोग किया गया। जिसका वजन लगभग 900 किलोग्राम है।
  • Mural का कुल वजन लगभग 3200 किलोग्राम है।
  • महात्मा गांधी के इस म्युरल को बनाने के लिए KVIC ने भारत में सिरेमिक उद्योगों में अपनाई जा रही नई तकनीकों का प्रयोग किया है।
  • इस तकनीक से कुम्हारों को शिक्षित करने के लिए अहमदाबाद में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
  • भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए इस कार्यशाला में देशभर से 75 कुम्हारों को बुलाया गया।
  • कार्यशाला में सभी 75 कुम्हारों को ‘ग्लेज्ड सिरेमिक क्रॉकरी’ (Glazed Ceramic Crockery) उत्पादन के बारे में जानकारी दी गई।
  • कार्यशाला के दौरान लगभग 2975 ग्लेज्ड कुल्लड़ों का भी उत्पादन किया गया। जिसके माध्यम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के इस म्युरल को बनाया गया।
  • म्युरल में लगे प्रत्येक कुल्हड़ का व्यास 75 मिलीमीटर और ऊंचाई 90 मिलीमीटर है।
  • अहमदाबाद के रिवर फ्रंट हाउस में स्थापित महात्मा गांधी का यह म्युरल शहर के नागरिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगा।
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