गुवाहाटी: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को चार पूर्वोत्तर राज्यों में 68 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा के बाद देर रात संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि असम के लिए 50,000 करोड़ रुपये, मेघालय के लिए 9,000 करोड़ रुपये, नागालैंड के लिए 5,000 करोड़ रुपये और 4,000 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा, 'हमारा उद्देश्य 2024 तक पूर्वोत्तर में सड़क परिवहन के पूरे परिदृश्य को बदलना है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों की सड़कें बनाने का है।'
इससे पहले सितंबर में नितिन गडकरी ने कहा था कि सरकार सौर ऊर्जा के जरिये इलेक्ट्रिक राजमार्गों के विकास पर काम कर रही है। यह कदम अधिक माल ढुलाई क्षमता वाले ट्रकों और बसों की चार्जिंग को सुगम बनाएगा। उद्योग मंडल इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने यह बात दोहरायी थी कि सरकार देश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बिजली चालित बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये सौर और पवन ऊर्जा ऊर्जा आधारित चार्जिंग व्यवस्था के विकास को प्रोत्साहित कर रही है।’’
नितिन ने कहा था, 'हम इलेक्ट्रिक राजमार्ग के विकास पर भी काम कर रहे हैं। यह सौर ऊर्जा के जरिए संचालित होंगे। इससे भारी माल ढुलाई क्षमता वाले वाले ट्रकों और बसों को यात्रा के दौरान चार्ज करने में सुविधा होगी।' एक इलेक्ट्रिक राजमार्ग से आशय ऐसी सड़क से है जो उसपर यात्रा करने वाले वाहनों को बिजली की आपूर्ति करती है। इसमें ‘ओवरहेड’ बिजली की लाइन के जरिये ऊर्जा की आपूर्ति शामिल है।
गडकरी ने कहा कि सड़क मंत्रालय टोल प्लाजा को सौर ऊर्जा से चलाने के लिये भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक अच्छी तरह से विकसित बुनियादी ढांचा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाता है, नई कंपनियां सृजित करता है और रोजगार के अवसर बढ़ाता है। ‘‘हम 26 नये एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहे हैं।’’
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