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चक्रवाती तूफान 'जवाद' से निपटने की तैयारियों का PM मोदी ने लिया जायजा

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 02, 2021 02:26 pm IST,  Updated : Dec 02, 2021 02:26 pm IST

भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक ने एनसीएमसी को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव वाले क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिसके तीन दिसंबर तक एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है।

चक्रवाती तूफान 'जवाद'...- India TV Hindi
चक्रवाती तूफान 'जवाद' से निपटने की तैयारियों का पीएम मोदी ने लिया जायजा Image Source : SOCIAL MEDIA

Highlights

  • हवा की गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे के साथ होगी।
  • भारी वर्षा होने की भी आशंका।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चक्रवाती तूफान 'जवाद' से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है जिसमें समय रहते जानमाल की हानि रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ( NDRF) के डायरेक्टर जनरल अतुल करवाल और मौसम विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के बाद NDRF के डायरेक्टर जनरल अतुल करवाल ने इंडिया टीवी को बताया कि, "प्रधानमंत्री जी ने सभी पहलुओं का जायजा लिया है, तैयारियां किस तरह की होनी चाहिए और क्या क्या उपलब्ध है, पहले आईएमडी के डीजी ने मौसम के बारे में जानकारी दी, एनडीआरएफ की तरफ से हम राज्य सरकारों के साथ संपर्क में हैं और जितनी भी उनकी मांग है वह सारी पूरी कर दी गई है, इसके अलावा हमारे पास आस पास के क्षेत्रों में रिजर्व टीम भी उपलब्ध है। इस तूफान की श्रेणी गंभीर चक्रवाती तूफान वाली है जिसमें 90-100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है, हमने उससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है।"

इससे पहले बुधवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने बंगाल की खाड़ी में आसन्न चक्रवात से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की थी, जिसके आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को प्रभावित करने की आशंका है। उन्होंने विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को ‘‘किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचने और संपत्ति, बुनियादी ढांचे और फसलों को कम से कम नुकसान पहुंचने देने’’ का निर्देश दिया था।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, ‘‘कैबिनेट सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास करने चाहिए कि मछुआरों और समुद्र में सभी नौकाओं को तुरंत वापस बुला लिया जाए और चक्रवाती तूफान से प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को जल्द से जल्द निकाला जाए।’’ भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक ने एनसीएमसी को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव वाले क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिसके तीन दिसंबर तक एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है।

बयान में कहा गया है, ‘‘इसके चार दिसंबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों को पार करने की उम्मीद है, जिसमें हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के साथ होगी, साथ ही भारी वर्षा होने की भी आशंका है।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘चक्रवाती तूफान के आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम और विजयनगरम और ओडिशा के तटीय जिलों को प्रभावित करने की आशंका है। इसके साथ ही तटीय क्षेत्रों और पश्चिम बंगाल के भागों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है।’’

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