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अडानी को कांग्रेस सरकार में कैसे मिलता है काम? 'आप की अदालत' में सचिन पायलट ने किया खुलासा

 Published : Jan 27, 2024 10:31 pm IST,  Updated : Jan 27, 2024 11:12 pm IST

इंडिया टीवी के कार्यक्रम 'आप की अदालत' में आए कांग्रेस पार्टी के महासचिव सचिन पायलट ने बताया कि कांग्रेस की राज्य सरकारों में अडानी समूह को कैसे काम मिल जाता है, जानकी उनके नेता अडानी का जबरदस्त विरोध करते हैं।

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अडानी को कांग्रेस सरकार में कैसे मिलता है काम? Image Source : INDIA TV

Aap Ki Adalat: कांग्रेस पार्टी के महासचिव सचिन पायलट पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। राजस्थान में चुनाव हारने के बाद पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है। उन्हें महासचिव बनाकर छत्तीसगढ़ राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नवीन जिम्मेदारी के बाद सचिन पायलट इंडिया टीवी के चर्चित शो 'आप की अदालत' में आए। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों को लेकर खुलकर बात की और इंडिया टीवी ले चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया।

तेलंगाना में कैसे मिला अडानी समूह को काम?

वहीं जब शो के दौरान रजत शर्मा ने सवाल किया कि पिछले 9 साल से राहुल गांधी अडानी का नाम ले रहे हैं। वह कहते हैं कि मोदी जी ने अडानी जी को एयरपोर्ट दे दिए, उनको जमीन दे दी, उनका फेवर किया, उनको पोर्ट्स दे दिया। लेकिन तेलंगाना में कांग्रेस के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सरकार बनते ही 12,400 करोड़ पहला एग्रीमेंट अडानी के साथ साइन किया है? इस पर सचिन पायलट कहते हैं कि कोई भी उद्योगपति या कोई भी इंडस्ट्री अगर किसी कॉम्पिटिशन में, किसी बिडिंग में क्वालीफाई करता है और वह राज्य में इन्वेस्ट करता है तो कोई भी राज्य सरकार चाहेगी कि पैसा आए, निवेश और रोजगार मिले, उद्योग लगे। इसमें कुछ गलत नहीं है। 

सरकार को पारदर्शिता बरतनी चाहिए- पायलट 

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई नियम कानून को ताक पर रखकर ऐसा कोई रास्ता निकालें कि देश की खदानें, बिजलीघर, हवाई अड्डे, पोर्ट, रेलवे सब कुछ एक या दो लोगों को देना चाहें तो यह देश की संपत्ति है, उसका एक ट्रांसपैरेंट तरीके से काम होना चाहिए। हमारा सवाल सिर्फ इतना है कि अगर कुछ ऐसा हो रहा है, जिसमें शक की गुंजाइश है तो कृपया करके पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। ट्रांसपैरेंट काम होना चाहिए। 

कांग्रेस पार्टी का विरोध किसी भी व्यापारिक समूह से नहीं- पायलट 

सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का विरोध किसी भी व्यापारिक समूह से नहीं है। हमारा विरोध इस बात से है कि देश का सारा काम एक ही समूह को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई इंडस्ट्रियल ग्रुप ट्रांसपैरेंट कुछ काम करना चाहता है तो चाहे वह कोई भी स्टेट हो उसे अनुमति मिलनी चाहिए। अगर वह नॉन ट्रांसपेरेंट (गैर पारदर्शी) तरीके से करे तो चाहे कांग्रेस की सरकार ही क्यों ना हो, उसकी भी जांच होनी चाहिए। मेरा तो इतना मानना है कि मापदंड बराबर होने चाहिए। अगर कहीं लोगों को आशंका है कि कुछ गड़बड़ी हुई है या कोई कोर्ट में केस चल रहा है या कोई रिपोर्ट ऐसी आ रही है जहां पर हमें लगता है कि उसमें कुछ गलती हुई है तो वह सही नहीं है। 

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