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हैदराबाद पेड़ कटाई मामले में SC की टिप्पणी, अगले आदेश तक कोर्ट ने किसी भी गतिविधि पर लगाई रोक

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Apr 03, 2025 10:17 pm IST,  Updated : Apr 03, 2025 10:17 pm IST

तेलंगाना के हैदराबाद विश्वविद्यालय के बगल में स्थित भूखंड पर लगे पेड़ों की कटाई का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने अगले आदेश तक किसी भी तरह की गतिविधि पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है।

Supreme Court comment on Telangana issue court bans any activity till further orders- India TV Hindi
हैदराबाद पेड़ कटाई मामले में SC की टिप्पणी Image Source : PTI/FILE PHOTO

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को तेलंगाना सरकार से हैदराबाद विश्वविद्यालय के बगल में स्थित भूखंड पर लगे बड़े वृक्षों को हटाने की ‘‘मजबूरी’’ के बारे में स्पष्टीकरण मांगा तथा अगले आदेश तक किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी। राज्य में पेड़ों की कटाई को ‘‘बहुत गंभीर मामला’’ बताते हुए न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि तेलंगाना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार द्वारा उसके समक्ष पेश की गई अंतरिम रिपोर्ट ‘‘चिंताजनक तस्वीर’’ पेश करती है। रिपोर्ट में अदालत को बताया गया कि बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। 

कोर्ट ने किसी भी प्रकार की गतिविधि पर लगाई रोक

पीठ ने कहा, ‘‘हम निर्देश देते हैं कि अगले आदेश तक, पहले से मौजूद पेड़ों के संरक्षण के अलावा, किसी भी प्रकार की कोई गतिविधि राज्य द्वारा नहीं की जाएगी।’’ पीठ ने तेलंगाना के मुख्य सचिव से पूछा कि राज्य द्वारा पेड़ों को हटाने समेत विकासात्मक गतिविधियां शुरू करने की तत्काल इतनी क्या मजबूरी है। मुख्य सचिव को यह भी बताने का निर्देश दिया गया कि क्या राज्य ने ऐसी गतिविधियों के लिए पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी कि अगर उसे राज्य की ओर से कोई चूक मिली तो वह मुख्य सचिव के खिलाफ कार्रवाई करेगी। 

पीठ ने पूछा- क्या पेड़ काटने के लिए ली गई थी अनुमति

पीठ ने कहा, ‘‘उन्हें (मुख्य सचिव) झील के पास उसी स्थान पर बनाई गई अस्थायी जेल में भेजा जाएगा।’’ पीठ ने पूछा कि क्या पेड़ों को काटने के लिए वन प्राधिकरण या किसी अन्य स्थानीय प्राधिकरण से अपेक्षित अनुमति ली गई थी। इसने कहा कि यदि राज्य के अधिकारी किसी भी निर्देश का उल्लंघन करते पाए गए, तो इसकी जिम्मेदारी राज्य के मुख्य सचिव पर होगी। अदालत ने काटे गए पेड़ों की स्थिति के बारे में भी पूछताछ की। पीठ ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त एक समिति को संबंधित स्थान का दौरा करने और 16 अप्रैल से पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 16 अप्रैल निर्धारित की। 

400 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई से जुड़ा है मामला

इससे पहले दिन में, न्यायालय ने हैदराबाद विश्वविद्यालय से सटी 400 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई मामले का संज्ञान लेते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को कांचा गाचीबोवली वन क्षेत्र का तत्काल दौरा करने का निर्देश दिया। पीठ ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को अपराह्न 3:30 बजे तक अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और कहा कि मामले की सुनवाई अपराह्न 3:45 बजे होगी। इस मुद्दे को वरिष्ठ अधिवक्ता के परमेश्वर ने पीठ के समक्ष उठाया, जो पर्यावरण से संबंधित मामले में न्यायमित्र के रूप में उच्चतम न्यायालय की सहायता कर रहे हैं। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि न्यायमित्र कई समाचार रिपोर्ट को उसके संज्ञान में लाए हैं, जिनमें वहां बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का दावा किया गया है। 

(इनपुट-भाषा)

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