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SC ने धर्म स्थलों की मरम्मत पर गुजरात HC के आदेश को किया ख़ारिज

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Aug 29, 2017 12:23 pm IST,  Updated : Aug 29, 2017 12:23 pm IST

उच्चतम न्यायालय ने आज गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें गोधरा दंगों के बाद वर्ष 2002 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों के पुनर्नर्मिाण और मरम्मत के लिये राज्य सरकार को पैसों के भुगतान करने के लिये कहा गया था।

SUPREME COURT- India TV Hindi
SUPREME COURT

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने आज गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें गोधरा दंगों के बाद वर्ष 2002 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों के पुनर्नर्मिाण और मरम्मत के लिये राज्य सरकार को पैसों के भुगतान करने के लिये कहा गया था। 

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्त पी सी पंत की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की अपील स्वीकार कर ली और उच्च न्यायालय के उस फैसले को ख़ारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक ढांचों के फिर से निर्माण एवं मरम्मत के लिये गुजरात सरकार को पैसों का भुगतान करना चाहिए। 

राज्य सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि हमारी याचिका को मंजूर कर लिया गया है और इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने अदालत से यह भी कहा कि राज्य सरकार दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए विभिन्न धार्मिक ढांचों, दुकानों एवं घरों की मरम्मत तथा फिर से निर्माण कार्य के लिये अनुग्रह राशि का भुगतान करने की इच्छुक है। मेहता ने कहा, सरकार की इस योजना को स्वीकार कर लिया गया है। 

गुजरात सरकार की सुप्रीम कोर्ट में दलील थी कि सरकार धर्मनिरपेक्ष होती है। ऐसे में सरकार किसी धार्मिक इमारत के निर्माण का ख़र्च नही उठा सकती।

अदालत उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ गुजरात सरकार की ओर से दायर याचिका की सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में राज्य सरकार को वर्ष 2002 के गुजरात दंगों में क्षतिग्रस्त हुए करीब 500 से अधिक धार्मिक स्थलों को मुआवजे की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

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