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AAP सांसद संजय सिंह को ED ने गिरफ्तार किया, घर के बाहर जमकर हंगामा, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

Reported By : Bhaskar Mishra Written By : Rituraj Tripathi Published : Oct 04, 2023 05:37 pm IST, Updated : Oct 04, 2023 06:33 pm IST

दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि संजय के सरकारी आवास पर आज सुबह ही ईडी ने छापा मारा था।

Sanjay Singh- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV संजय सिंह गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। AAP सांसद संजय सिंह को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि ईडी की टीम ने आज सुबह आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के घर पर छापा मारा था। दिल्ली शराब घोटाला मामले में ये छापेमारी की गई थी।

शराब घोटाला मामले में ईडी की चार्टशीट में तीन जगहों पर संजय सिंह का नाम है। ईडी की टीम आज सुबह 7 बजे राज्यसभा सांसद संजय सिंह के घर पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी। बता दें कि आप सांसद का घर नार्थ एवेन्यू में है। यहां वह अपने सरकारी आवास में रहते हैं। 

संजय सिंह के घर क्यों गई थी ईडी की टीम?

दिल्ली आबकारी नीति मामले में दो आरोपियों के सरकारी गवाह बनने के बाद ईडी की टीम संजय सिंह के घर पहुंची थी। बता दें कि मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी राघव मगुंटा सरकारी गवाह बने हैं। राघव मगुंटा YSR कांग्रेस के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे हैं। कोर्ट ने दिनेश अरोड़ा को भी सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी थी। 

इससे पहले अरबिंदो फार्मा के निदेशक शरद रेड्डी दिल्ली आबकारी नीति मामले में सरकारी गवाह बन चुके हैं। दिल्ली आबकारी मनी लांड्रिंग मामले में फिलहाल राघव मगुंटा और दिनेश अरोड़ा जमानत पर हैं। दिल्ली आबकारी मनी लांड्रिंग मामले में अब तक तीन लोग सरकारी गवाह बन चुके हैं।

क्या है दिल्ली शराब घोटाला मामला

दिल्ली सरकार ने साल 2021 से दिल्ली में नई शराब नीति लागू की थी, जिसके तहत शराब का कारोबार पूरी तरह से निजी हाथों में सौंप दिया गया था। दिल्ली सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी लाने के पीछे ये तर्क दिया था कि इससे माफिया राज खत्म हो जाएगा और इससे सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। 

लेकिन  सरकार के दावे फेल हो गए थे और सरकार को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ा था। सरकार ने खुद ही माना कि शराब की भारी बिक्री के बावजूद रेवेन्यू का भारी नुकसान हुआ है। इसे लेकर दिल्ली सरकार आलोचनाओं के घेरे में आ गई और मुख्य सचिव नरेश कुमार ने सबसे पहले सरकार पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

नरेश कुमार ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को रिपोर्ट में पॉलिसी में गड़बड़ी के साथ ही डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया था, जिसके बाद वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था और कई लोगों से इस मामले में पूछताछ की गई थी। इस मामले में हुए विवाद के बाद दिल्ली की आम आदमी की सरकार ने फिर से पुरानी शराब नीति को लागू कर दिया था।

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