नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो चुका है। पहले ही दिन लोकसभा में जोरदार हंगामा हुआ, जिसकी वजह से लोकसभा की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा। इस बार के सेशन में सरकार नए बिल पास कराना चाहती है, जिसमें परमाणु ऊर्जा बिल, उच्च शिक्षा आयोग बिल, राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन बिल, कॉरपोरेट नियम संशोधन बिल, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल, हेल्थ सिक्योरिटी एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सीलिएशन बिल और जन विश्वास बिल शामिल है। वहीं विपक्ष के हंगामें को देखते हुए सरकार की राह आसान नजर नहीं आ रही है। यही वजह है कि सेशन की शुरूआत होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को नसीहत दे दी थी कि सदन में ड्रामा नहीं डिलिवरी चाहिए, लेकिन मोदी की इस नसीहत का विपक्ष पर कोई असर नहीं हुआ।
कौन-कौन बिल पेश करने की तैयारी?
- परमाणु ऊर्जा बिल
- उच्च शिक्षा आयोग
- राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन ) बिल
- कारपोरेट नियम (संशोधन) बिल
- सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल
- मणिपुर GST (संशोधन) बिल
- इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल
- रिपीलिंग एंड अमेंडमेंट बिल
- आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सीलिएशन बिल
- बीमा नियम (संशोधन) बिल
- केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) बिल
- हेल्थ सिक्योरिटी एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल
- जन विश्वास (संशोधन) बिल
क्यों हंगामा कर रहा है विपक्ष
शीतकालीन सत्र की शुरुआत के साथ ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है। हालांकि विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। जिन मुद्दों पर चर्चा के लिए विपक्ष बार-बार हंगामा कर रहा है उनमें एसआईआर का मुद्दा, दिल्ली विस्फोट की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा, वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अन्य विषय शामिल हैं। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हुआ है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा।
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