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पीएम मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल को यहूदी त्योहार के साथ किया गया सेलिब्रेट, लगाए गए 300 पेड़

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Feb 03, 2026 06:56 am IST,  Updated : Feb 03, 2026 06:59 am IST

इजरायल के मोशाव नेवातिम में कम से कम 300 पेड़ लगाए गए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल को यहूदी त्योहार तू बिशवत के साथ मिलकर मनाया गया है। तू बिशवत को इजरायल में पर्यावरण जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Israel Trees Planted To Celebrate PM Modi Ek Ped Maa Ke Naam Initiative In Jewish Festival Tu Bishva- India TV Hindi
Israel Trees Planted To Celebrate PM Modi Ek Ped Maa Ke Naam Initiative In Jewish Festival Tu Bishvat Image Source : @INDEMTEL/ (X)

PM Modi Ek Ped Maa Ke Naam Initiative: इजरायल के मोशाव नेवातिम में कम से कम 300 पेड़ लगाने का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल और यहूदी त्योहार तू बिशवत (Tu Bishvat - पेड़ों का नया साल) के साथ जोड़कर मनाया गया। तू बिशवत के मौके पर इजरायल में पर्यावरण जागरूकता और पेड़ लगाने पर विशेष जोर दिया जाता है। यह कार्यक्रम भारत के दूतावास की ओर से केरेन कायमेट लेइजरायल और मोशाव नेवातिम के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों समेत सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाए। यह भारत और इजरायल के बीच पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और लोगों के आपसी संबंधों की मजबूत साझेदारी का बेहतरीन प्रतीक है।

क्या बोले इजरायल में भारत के राजदूत?

इजरायल के पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय के महानिदेशक रामी रोजेन, इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह और बनेई शिमोन क्षेत्रीय परिषद के प्रमुख नीर जमीर ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति भारत और इजरायल की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। सिंह ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा, "तू बिशवत और एक पेड़ मां के नाम दोनों ही पेड़ों को सामुदायिक जुड़ाव और स्थायी जीवन के केंद्र में रखते हैं। ये साझा प्रथाएं भारत और इजराइल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों और मजबूत लोगों के आपसी संबंधों को दर्शाती हैं, जो हमारे दोनों देशों द्वारा प्रकृति, समुदाय और साझा मूल्यों को दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित करती हैं।" भारतीय दूत ने कहा कि पूरा विश्वास है कि ये पेड़ भारत-इजरायल दोस्ती के स्थायी प्रतीक के रूप में खड़े रहेंगे, और इस बंधन को आने वाली पीढ़ियों तक ले जाएंगे।

'कार्यक्रम इजरायल और भारत के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक'

इजरायल के पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय के महानिदेशक रामी रोजेन ने इस मौके पर कहा यह कार्यक्रम इजरायल और भारत के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक है। दोनों देश वर्तमान में कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं, विशेष रूप से जलवायु और पर्यावरण क्षेत्रों में। नवाचार के लिए हमारी साझा आकांक्षा से परे, हम एक सामान्य भावना भी साझा करते हैं। प्रकृति की रक्षा जीवन की रक्षा का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा मुझे भरोसा है कि आज हम जो पेड़ लगा रहे हैं, वो गहरी जड़ें जमाएंगे और कई सालों तक बढ़ेंगे, जो इजरायल और भारत के बीच मजबूत दोस्ती और प्रकृति की रक्षा करने और एक हराभरा, टिकाऊ भविष्य बनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता का एक ठोस सबूत होगा।

मोशाव नेवातिम का है ऐतिहासिक महत्व

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, मोशाव नेवातिम का ऐतिहासिक पहलू भी है। यह कोचीन यहूदियों की विरासत को संजोता है, और यहां महाराजा जाम साहब की मूर्ति भी है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में यहूदियों की मदद की थी। यह कार्यक्रम भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है, जहां पर्यावरण और सांस्कृतिक मूल्य दोनों देशों को जोड़ते हैं। 

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