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'ब्रेकफास्ट मीटिंग' से कर्नाटक के सियासी कलह पर लग जाएगी 'ब्रेक'! सिद्धारमैया और शिवकुमार की मुलाकात के क्या हैं मायने? जानें

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार आज ब्रेकफास्ट पर मिले। यह ब्रेकफास्ट मीटिंग कांग्रेस हाईकमान के दखल देने के एक दिन बाद हुई है, जिसमें दोनों नेताओं को अपने मतभेद सुलझाने के लिए मिलने के लिए कहा गया था।

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
Published : Nov 29, 2025 04:52 pm IST, Updated : Nov 29, 2025 04:54 pm IST
DK shivkumar, Siddarmaiya- India TV Hindi
Image Source : X@DKSHIVAKUMAR डीके शिवकुमार, सिद्धरमैया

नई दिल्ली:  कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार शनिवार को ब्रेकफास्ट पर मिले। दोनों नेताओं ने ब्रेकफास्ट में इडली. सांभर, उपमा का स्वाद लिया। यह ब्रेकफास्ट मीटिंग राज्य की सियासत में एक अंदरुनी हलचल को खत्म करने की कवायद मानी जा रही है।  इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में दोनों शीर्ष नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई यह इसके बारे में डीके शिवकुमार ने केवल इतना कहा कि प्रदेश के विकास के मुद्दे पर बात हुई है। लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में यह एक अहम कदम है। यह ब्रेकफास्ट मीटिंग कांग्रेस हाईकमान के दखल देने के एक दिन बाद हुई है, जिसमें दोनों नेताओं को अपने मतभेद सुलझाने के लिए मिलने के लिए कहा गया था। इस ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों नेताओं के बीच सत्ता हस्तांतरण के समझौते के फ़ॉर्मूले की डिटेल्स पर चर्चा हुई होगी।

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मीटिंग के बाद अब आगे क्या होगा?

मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार, एएस पोन्नन्ना भी मीटिंग में मौजूद थे। मीटिंग के बाद, शिवकुमार कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे और सीनियर नेता राहुल गांधी समेत पार्टी हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली जाएंगे। इस मीटिंग की एक फ़ोटो सामने आई, जिसमें दोनों नेता उपमा, इडली और सांभर खाते हुए दिख रहे हैं। इस मीटिंग की जो तस्वीर सामने आई है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों नेताओं के बीच रिश्ते अच्छे बने हुए हैं। 

मीटिंग के दौरान, सिद्धारमैया ने X पर एक पोस्ट में अपने डिप्टी के साथ तस्वीरें शेयर कीं और कहा कि उन्होंने “थोड़ी देर की बातचीत” की।

सिद्धारमैया के X पर पोस्ट के कुछ मिनट बाद, डीके शिवकुमार ने भी मुख्यमंत्री के घर से एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह CM के साथ ब्रेकफ़ास्ट करते हुए दिख रहे हैं और कहा कि उन्होंने “कर्नाटक की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर अच्छी बातचीत की।”

हाईकमान फैसला करेगा-शिवकुमार

मुख्यमंत्री के घर के लिए निकलने से पहले, शिवकुमार ने कमेंट करने से मना कर दिया और कहा कि वह सिद्धारमैया के घर से बाहर आने के बाद बात करेंगे।  शिवकुमार ने कांग्रेस के प्रति अपनी वफ़ादारी फिर से दिखाई है और कहा है कि पार्टी की लीडरशिप के बारे में कोई भी फ़ैसला हाईकमान करेगा। इस बीच, CM सिद्धारमैया ने अपना रुख बनाए रखा है।

हाईकमान जो भी कहेगा, मैं मानूंगा-सिद्धारमैया 

सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा, "हाईकमान ने हम दोनों को बुलाया है, इसलिए मैंने उन्हें (डीके शिवकुमार) नाश्ते पर बुलाया है, और हम वहां बात करेंगे। जैसा कि मैंने पहले कहा, हाईकमान जो भी कहेगा, मैं मानूंगा; मेरे रुख में कोई बदलाव नहीं है। उन्होंने (डीके शिवकुमार) भी कहा कि हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसका पालन करेंगे।"

कर्नाटक में सत्ता संघर्ष

दरअसल, कर्नाटक में लीडरशिप में बदलाव की अटकलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसीखबर है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए ज़बरदस्त पावर टसल चल रही है। इस अंदरुनी लड़ाई में हर गुट अपने नेता को मुख्यमंत्री पद पर बिठाने के लिए जोर दे रहा है। यह तनाव नया नहीं है। वर्ष 2023 में विधानसभा जीत के बाद से ही दोनों के बीच सत्ता को लेकर रस्साकशी चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसी वक्त ढाई साल के पावर शेयरिंग का फॉर्मूला निकाला गया था। अब जबकि ढाई साल का वक्त पूरा हो गया है, डीके शिवकुमार के समर्थक और ज्यादा मुखर हो गए हैं। उधर, सिद्धारमैया बार-बार अपना टर्म पूरा करने का इरादा जता रहे हैं। इससे कंफ्यूजन बढ़ रहा है। लेकिन ऐसा लगता है कि डीके शिवकुमार इस बातचीत को सीक्रेट रखना चाहते हैं इसलिए वे खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। हालांकि दोनों ही नेता एक बात जरूर बोल रहे हैं कि  वे पार्टी हाईकमान के आखिरी फैसले का सम्मान करेंगे।

मुलाकात के मायने

हालांकि, अगर लीडरशिप में बदलाव होता है तो शिवकुमार को सबसे आगे देखा जा रहा है, लेकिन होम मिनिस्टर जी परमेश्वर समेत दूसरे नेताओं ने भी दिलचस्पी दिखाई है। वहीं कैबिनेट में फेरबदल की उम्मीद है, जिससे पार्टी हाईकमान को यह तय करना होगा कि 2028 के चुनावों से पहले सिद्धारमैया को बनाए रखा जाए या शिवकुमार को प्रमोट किया जाए। ऐसे में हाईकमान ने दोनों नेताओं आपस में मिलकर बातचीत करने की सलाह दी। इस मुलाकात के पीछे यह मकसद है कि आगे हाईकमान जो भी फैसला ले लेकिन जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश जाए कि कांग्रेस के अंदर सबकुछ ठीक चल रहा है। किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और सर्वसम्मति से पार्टी कोई भी फैसला लेती है।

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