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सनातन धर्म विवाद पर पहली बार बोले पीएम मोदी-'उदयनिधि के बयान का सही से जवाब देना चाहिए'

 Reported By: Devendra Parashar Edited By: Kajal Kumari
 Published : Sep 06, 2023 03:44 pm IST,  Updated : Sep 06, 2023 03:58 pm IST

सनातन धर्म को लेकर उदयनिधि स्टालिन के दिए विवादास्पद बयान के बाद राजनीति चरम पर है। इस मामले पर पहली बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस मामले पर सही से जवाब देना चाहिए।

pm modi on sanatan controversy- India TV Hindi
सनातन धर्म विवाद पर बोले पीएम मोदी Image Source : FILE PHOTO

दिल्ली: सनातन धर्म को लेकर चल रहे विवाद के बीच पीएम मोदी ने पहली बार बड़ी बात कही है। कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि इस मामले पर हमें सही से जवाब देना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक पीएम ने मंत्रियों से कहा, सनातन धर्म का अपमान करके फंस चुका है विपक्ष और विपक्ष की बेचैनी अब साफ दिख रही है। सनातन का अपमान करने से हो रहे नुकसान से बचने के लिए विपक्ष ऐसा विवाद खड़ा कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष उस तरह की बुखार से पीड़ित जिसमें आदमी बड़बड़ाता रहता है। वैसे ही भारत बनाम इंडिया का विवाद ऐसा ही विवाद है, जिसे लेकर विपक्ष बड़बड़ा रहा है। संविधान में भारत शब्द उल्लिखित है और विपक्ष को संविधान को ठीक से पढ़ना चाहिए।

इस मामले पर अधिकृत व्यक्ति को ही बोलना चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की विवादास्पद 'सनातन धर्म' टिप्पणी का उचित जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रियों को भारत बनाम भारत विवाद पर टिप्पणी न करने की भी सलाह दी और कहा कि इस मामले पर केवल अधिकृत व्यक्ति को ही बोलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने जी20 शिखर सम्मेलन से पहले मंत्रिपरिषद की बैठक में बोलते हुए कहा, "इतिहास में न जाएं, बल्कि संविधान के अनुसार तथ्यों पर टिके रहें। साथ ही, मुद्दे की समसामयिक स्थिति के बारे में भी बोलें।" 

उदयनिधि ने सनातन की तुलना डेंगू-मलेरिया मच्छर से की थी

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों वाले मच्छरों से करने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। शनिवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "ऐसी चीजों का विरोध ही नहीं किया जाना चाहिए बल्कि नष्ट किया जाना चाहिए।" उदयनिधि की इस टिप्पणी पर कई राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। भाजपा ने कांग्रेस पर उनकी टिप्पणी की निंदा करने पर जोर दिया। हालांकि, उदयनिधि ने बाद में दावा किया कि उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों के खिलाफ हिंसा का आह्वान नहीं किया था।

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