Babri demolition case: अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आज बुधवार 30 सितंबर को CBI की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। करीब तीन दशक पुराने इस मामले में देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती जैसे कई बड़े नेताओं सहित कुल 49 आरोपी थे। हालांकि, कुल आरिपोयों में से 17 का निधन हो चुका है जबकि बाकियों के नाम मुकदमे में थे। अब कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। जज एस के यादव ने कहा कि घटना पूर्वनियोजित नहीं थी।
अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने पर CBI कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आडवाणी, जोशी, उमा सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
एलके अडवाणी, एमएम जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह,नृत्य गोपालदास और सतीश प्रधान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट से जुड़ रहे हैं।
जज एस के यादव ने कहा कि घटना पूर्वनियोजित नहीं थी।
जज ने फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है।
2000 से भी ज़्यादा पन्नों का फ़ैसला होगा।
जज कोर्ट रूम में पहुंच गए हैं। अब से कुछ ही देर में फैसला आ सकता है।
एलके अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती आदि के ख़िलाफ़ IPC की धारा 153(a), 153(b), 295, 505 के तहत मुक़द्दमा दर्ज है। अगर ये दोषी पाए जाते हैं तो इन्हें अधिकतम 3 साल तक की सज़ा हो सकती है। हालांकि ये हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं। अपील करने के लिए वह CBI कोर्ट में बेल एप्लिकेशन फ़ाइल कर सकते हैं। यह सभी जमानती अपराध (bailable offence) हैं। इसलिए इन्हें बेल मिल सकती है। अगर इन्हें क्लिनचिट दे दी जाती है तो CBI हाईकोर्ट में फ़ैसले के ख़िलाफ़ रिव्यू फ़ाइल कर सकती है।
लल्लू सिंह, साक्षी महाराज और ब्रिज भूषण शरण सिंह तीनों मौजूदा सांसद हैं और मामले में आरोपी हैं। अगर ये तीनों दोषी पाए जाते हैं तो सुप्रीम कोर्ट के 2016 के फ़ैसले के मुताबिक़ तत्काल ही इनकी लोकसभा की सदस्यता समाप्त हो जाएगी। इनके द्वारा उच्च अदालत में अपील करने का भी इंतज़ार नहीं किया जाएगा।
अभी जज कोर्ट रूम में नहीं पहुंचे हैं। जज आने के बाद पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी पर फैसला सुनाएंगे।
आज कोर्ट दो FIR -197/1992 और 198/1992 पर फैसला सुनाएगी। FIR 197 अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ ढांचा तोड़ने की है और दूसरी FIR 198 भाजपा नेता एलके अडवाणी, एमएम जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह, विनय कटियार, साक्षी महाराज, लल्लू सिंह और बीबी शरण सिंह के खिलाफ कारसेवकों को भड़काने की है।
एलके आडवाणी, एमएम जोशी और उमा भारती वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में हाजिर हो सकते हैं।
अभी जिन 32 आरोपियों का नाम मुकदमे में है, उनमें से 26 कोर्ट रूम में मौजूद हैं। आडवाणी, जोशी, नृत्य गोपालदास, सतीश प्रधान, कल्याण सिंह और उमा भारती को छोड़कर बाकि सभी कोर्ट रूम में हैं।



सीबीआई की विशेष अदालत की कार्यवाही जारी है।
सीबीआई न्यायाधीश एस के यादव अदालत पहुंचे। आरोपी भी कोर्ट में बैठे हैं।
अब से पांच मिनट में जज कोर्ट रूम में जाएंगे। अभी वह अपने चैंबर में हैं।
वेदान्ती महाराज, आचार्य धर्मदास और पवन पांडेय कोर्ट पहुंचे।
अयोध्या में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। फैसले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। लखनऊ में दो अपर पुलिस अधीक्षक और 13 पुलिस उपाधीक्षकों के साथ 8 कंपनी अतिरिक्त पीएसी लगाई गई है। डीआईजी दीपक कुमार के मुताबिक, सीआईडी और एलआईयू की टीमों को सादी वर्दी में संवेदन शील इलाकों में तैनात किया गया है। बाहरी लोग अयोध्या में आकर माहौल न बिगाड़ने पाएं इसको लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को और सख्ती बरती जाएगी।
कुल 32 ऐसे आरोपी है, जो अब भी केस में हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ और धर्मेंद्र सिंह गुर्जर शामिल हैं।
28 साल चले इस मुकदमें में 351 गवाह पेश किए गए और क़रीब 600 दस्तावेज़ हुए। मामले में CBI ने कोर्ट में कुल 49 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी जिसमें से 17 की मौत हो चुकी है। इनमें शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे, विश्व हिंदु परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णुहरी डालमिया, मोरेश्वर सावें, महंत अवैद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि, बैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ. सतीश नागर, डीबी राय, रमेश प्रताप सिंह, हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास, विनोद कुमार और राजमाता सिंधिया हैं।
ढांचा गिराए जाने के आरोपियों में शामिल विनय कटियार, धर्मदास वेदांती, लल्लू सिंह, पवन पांडेय और चंपत राय कोर्ट पहुंच चुके हैं।
अयोध्या में 1992 में गिराए गए बाबरी ढांचे को लेकर थोड़ी देर में विशेष सीबीआई अदालत अपना फैसला सुनाएगी
संपादक की पसंद