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Ram Mandir construction: राम मंदिर निर्माण के पहले चरण का काम पूरा, गर्भगृह के नीचे 14 मीटर मोटी चट्टान ढाली गई

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने गुरुवार को इंडिया टीवी के साथ विशेष बातचीत में बताया कि राम मंदिर निर्माण का पहला फ़ेज़ आज पूरा हो गया है, मंदिर का आधार बन गया है।

Reported by: Ruchi Kumar
Published : Sep 16, 2021 03:36 pm IST, Updated : Sep 16, 2021 10:24 pm IST

अयोध्या: अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर निर्माण के पहले चरण का काम पूरा हो गया है। राम मंदिर का आधार बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। गर्भगृह के नीचे 14 मीटर मोटी चट्टान ढाली गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने गुरुवार को इंडिया टीवी के साथ विशेष बातचीत में बताया कि राम मंदिर निर्माण का पहला फ़ेज़ आज पूरा हो गया है, मंदिर का आधार बन गया है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य चल रहा है। राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया, ''नींव कंक्रीट की है। 2 तरह के पत्थर हैं। कर्नाटक का ग्रेनाइट, मिर्जापुर का सेंडस्टोन। एक ब्लॉक 16 घनफुट का है। ऐसे 30,000 ब्लॉक एक के ऊपर एक रखे जाएंगे।''

2023 तक भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा- चंपत राय

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर की नींव की भरपाई का काम अंतिम दौर में है। अगले 2 महीने में राम मंदिर के दूसरे फेज का काम पूरा हो जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 2023 तक भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। गौरतलब है कि राम मंदिर तीन मंजिला होगा, गर्भ गृह में रामलला तो दूसरे तल पर राम दरबार विराजित होगा। मंदिर का परकोटा साढ़े 6 एकड़ में बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि बनने वाला राम मंदिर करीब 5 सौ वर्षों तक सुरक्षित रहेगा। निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है। राम मंदिर दिसंबर 2023 तक बनकर पूरा हो जाएगा।

अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर 'भूमि पूजन' के एक साल बाद इसकी नींव के निर्माण का काम पूरा हो गया है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने संवाददाताओं से कहा कि मंदिर की नींव कंक्रीट की 48वीं परत से भर दी गई है। भगवान राम की जन्भूमि कहे जाने वाले स्थान पर मंदिर के निर्माण का काम संभाल रहे ट्रस्ट ने पहली बार पत्रकारों को निर्माण स्थल देखने के लिए आमंत्रित किया था। पहले खबरें आईँ थीं कि भूमि की मिट्टी अस्थिर है, इसलिये यहां एक मजबूत नींव के निर्माण की जरूरत है। इसके लिये 1,20,000 वर्ग फुट लंबी तथा चौड़ी और 50 फुट गहरी नींव खोदी गई। फिर उसे सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्रियों से भरा गया।

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि अब इसपर 'आफ्ट' बनाया जाएगा और फिर मिर्जापुर से लाए गए करीब 4 लाख क्यूबिक फीट गुलाबी पत्थर से चबूतरा खड़ा किया जाएगा। इस चबूतरे पर मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि राजस्थान से मंगवाये गये एक लाख वर्ग फुट उकेरे गये पत्थर लगाये जाने के लिए तैयार हैं और उनका काम इसके बाद शुरू होगा। मंदिर की बाहरी दीवारों के निर्माण के लिए विशेषज्ञों से विचार विमर्श चल रहा है।

राम मंदिर के अंतिम खाका में विभिन्न देवी-देवताओं के छह मंदिर 

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति द्वारा तैयार अंतिम योजना के अनुसार राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में छह देवी-देवताओं के मंदिरों का भी निर्माण किया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि मंदिर की नींव का निर्माण जोर-शोर से हो रहा है और इसके अक्टूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। अंतिम योजना के अनुसार जन्मभूमि परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं के छह मंदिरों का निर्माण होगा। इसके अनुसार परिसर में भगवान सूर्य, भगवान गणेश, भगवान शिव, देवी दुर्गा, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा के मंदिर भी बनाए जाएंगे।

मिश्रा ने कहा, "विभिन्न देवी देवताओं के ये छह मंदिर राम मंदिर की बाहरी परिधि में लेकिन परिसर के भीतर बनाए जाएंगे। हिंदू धर्म में भगवान राम की पूजा के साथ ही इन देवताओं की पूजा भी बहुत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि नींव के पूरा हो जाने के बाद अक्टूबर के अंत से या नवंबर के पहले सप्ताह से मंदिर के आरधार का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भव्य मंदिर की संरचना में पत्थरों को लगाने के लिए चार अलग-अलग स्थानों पर चार टावर क्रेन लगाए जाएंगे। मिश्रा ने कहा कि 1,20,000 वर्ग फुट और 50 फुट गहरे नींव का निर्माण कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट ने अब नींव को समुद्र तल से 107 मीटर ऊपर लाने के लिए नींव क्षेत्र पर चार अतिरिक्त परतें बनाने का निर्णय लिया किया है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक सीमेंट अधिक गर्मी सोखता है, जिससे वातावरण में गर्मी बढ़ेगी। इससे बचने के लिए मंदिर के निर्माण में सीमेंट का कम से कम उपयोग किया जा रहा है। राम मंदिर के ‘सुपर स्ट्रक्चर’ के आधार का निर्माण उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से 3.5 लाख घन फुट पत्थरों से किया जाना है। मिर्जापुर स्थित दो निजी कंपनियों को पत्थरों को काटने और लगाने का ठेका दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि मिर्जापुर में महज 10 से 12 घंटे ही बिजली आपूर्ति होने से पत्थरों की कटाई और घिसाई धीमी हो गई है। 

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