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Lakhimpur Kheri Case: अजय मिश्रा 'टेनी' की बर्खास्तगी को लेकर किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी

 Published : Aug 19, 2022 11:38 pm IST,  Updated : Aug 19, 2022 11:38 pm IST

Lakhimpur Kheri Case: लखीमपुर खीरी में पिछले साल हुए तिकोनिया कांड मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' की बर्खास्तगी समेत कई और मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसानों का 75 घंटे का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।

Farmers' protest continues for the second day- India TV Hindi
Farmers' protest continues for the second day Image Source : PTI

Highlights

  • तिकोनिया कांड को लेकर किसानों का प्रदर्शन
  • केंद्रीय गृह राज्य मंत्री टेनी की बर्खास्तगी की मांग
  • राकेश टिकैत ने दिए बड़े आंदोलन के संकेत

Lakhimpur Kheri Case: लखीमपुर खीरी में पिछले साल हुए तिकोनिया कांड मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' की बर्खास्तगी समेत कई और मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसानों का 75 घंटे का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता लखीमपुर खीरी में अपने धरना प्रदर्शन के अंतिम दिन शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालेंगे। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने देश के किसानों को अपने मुद्दों के समाधान के लिए बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। 

राष्ट्रव्यापी आंदोलन की है तैयारी

राकेश टिकैत ने धरने को संबोधित करते हुए कहा, "राष्ट्रव्यापी आंदोलन कब, कहां और किस तरह से होगा, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता उचित समय पर इस बारे में जानकारी देंगे।" एसकेएम को मजबूत करने का आह्वान करते हुये टिकैत ने कहा, "अगर एसकेएम कमजोर हो जाता है, तो सरकारें किसानों पर हावी हो जाएंगी।" उन्होंने कहा कि तिकोनिया कांड को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी के साथ-साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने के लिए कानून भी किसानों का एक बड़ा मुद्दा है। 

उल्लेखनीय है कि धरना स्थल राजापुर मंडी समिति में शुक्रवार को भी विभिन्न राज्यों से किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। लखीमपुर खीरी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का पैतृक जिला है और वह खीरी से लगातार दूसरी बार भाजपा के सांसद हैं। पंजाब के बीकेयू-चढूनी धड़े के पदाधिकारी भी आंदोलनकारी किसानों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए आंदोलन स्थल पर पहुंचे। चढूनी धड़ा संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा कोर कमेटी के सदस्य दर्शन सिंह पाल, स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर सहित प्रमुख नेता गुरुवार को शुरू हुए इस धरने में शामिल हुये हैं। इनके अलावा, किसान नेता तेजिंदर सिंह विर्क, रंजीत राजू, अशोक मित्तल, दीपक लांबा, भाकियू -टिकैत राष्ट्रीय संगठन सचिव भूदेव शर्मा और पंजाब के अन्य प्रमुख किसान नेता धरने में शामिल हैं। 

"बड़े आंदोलन के लिए किसान रहें तैयार"
हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं ने भी किसानों को संबोधित किया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री पर निशाना साधते हुए राकेश टिकैत ने अपने संबोधन में कहा, "पूरा देश तिकुनिया हिंसा के बारे में अच्छी तरह से जानता है और यह भी सबको पता था कि हिंसा भड़काने वाले कौन थे।" अजय कुमार मिश्रा को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी का आरोपी बताते हुए टिकैत ने कहा, "यह विडंबना है कि मंत्री अब भी अपने पद पर बने हुये हैं।" भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी अपराध करने के लिए आपराधिक साजिश से संबंधित है। टिकैत ने कहा कि 75 घंटे लंबे धरने के बाद भी किसानों को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए। टिकैत ने कहा कि गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने के अलावा जेल में बंद निर्दोष किसानों की रिहाई, एमएसपी गारंटी कानून, बिजली संशोधन विधेयक 2022 को वापस लेने, गन्ना बकाया का भुगतान और सरकार के भूमि अधिकार समेत कई अन्य मुद्दे किसानों के सामने हैं। 

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