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ट्रक ड्राइवर से घूस लेना पड़ मंहगा, एक ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल निलंबित

 Reported By: PTI Edited By: Akash Mishra
 Published : Nov 13, 2022 02:32 pm IST,  Updated : Nov 13, 2022 02:32 pm IST

यूपी में लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक अंडरपास पर ट्रक ड्राइवर से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप में एक ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PTI

Utttar Pradesh: यूपी में लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक अंडरपास पर ट्रक ड्राइवर से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप में एक ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर (TSI) और दो कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, संयुक्त पुलिस कमिश्नर पीयूष मोरडिया ने शनिवार की रात अभिमन्यु अंडरपास पर एक ट्रक को खड़ा देखा और इसके ड्राइवर के बारे में पता किया। 

बयान के मुताबिक, ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर राजू भास्कर और दो कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और अंकुर ड्राइवर को एक ओर ले गए। ड्राइवर ने शिकायत की कि तीनों उससे रिश्वत मांग रहे थे। इस आरोप पर कार्रवाई करते हुए मोरडिया ने TSI और दो कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया। इनके खिलाफ डिपार्टमेंट जांच का भी आदेश दिया गया है।

रिश्वत का मामला रफा-दफा करने के लिए अधिकारी से ली थी घूस: लुधियाना

हाल में पंजाब के लुधियाना(Ludhiana) में एक व्यक्ति ने एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस के मुताबिक केस दर्ज कराने वाले व्यक्ति को मामला रफा-दफा करने के लिए संबंधित अधिकारी से खुद पैसे लेते पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि फजिल्का जिले के चक रोरीवाला गांव निवासी आरोपी सुखजिंदर सिंह ने कनिष्ठ अभियंता स्वरन रानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी ने अधिकारी के खिलाफ उससे 25 हजार रुपये की घूस मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अधिकारियों ने बताया सतर्कता विभाग(Vigilance Department) ने रानी को सुखजिंदर से रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। 

11 लाख रुपये में तय हुआ था समझौता

हालांकि, बाद में रानी के भाई संदीप सिंह ने सुखजिंदर पर मामले को वापस लेने के लिए 15 लाख रुपये की मांग करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ शिकायद दर्ज कराई। सिंह ने दावा किया कि सुखजिंदर ने पैसों की मांग करते समय सतर्कता विभाग में अपने कुछ परिचित होने की बात कही थी। अधिकारियों के मुताबिक, रानी के भाई संदीप और सुखजिंदर में 11 लाख रुपये में समझौता हुआ, जिसमें से एक लाख रुपये का भुगतान तत्काल किया जाना था। उन्होंने बताया कि सतर्कता आयोग ने सुखजिंदर को संदीप से पैसे लेते रंगे हाथों पकड़ा।

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