कश्मीर में ताज़ा बर्फबारी ने एक बार फिर ज़िंदगी रोक दी है। बर्फ, जो आमतौर पर आकर्षण का केंद्र होती है, अब परेशानी का सबब बन गई है। श्रीनगर से 45 किलोमीटर दूर गुलमर्ग के द्रांग इलाके में 3 से 4 फीट बर्फ जम गई है, जिससे गांव की सभी सड़कें ढक गई हैं। घरों की छतों और सड़कों पर बर्फ जमने से जनजीवन ठप हो गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को गांव तक पहुंचने के लिए बर्फ हटाकर रास्ता बनाना पड़ रहा है। यह जगह गुलमर्ग से सिर्फ़ 10 किलोमीटर दूर है, और खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट द्रांग वॉटरफॉल सिर्फ़ 5 किलोमीटर दूर है।
पूरे कश्मीर में बर्फबारी और बारिश का अनुमान
हालांकि, इस मौसम में वहां पहुंचना आसान नहीं है क्योंकि भारी बर्फबारी और फिसलन भरी सड़कों के कारण सिर्फ़ स्नो चेन वाली गाड़ियों और बैटरी से चलने वाले स्कूटर को ही जाने की इजाज़त है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को यहां तैनात किया गया है। पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को द्रांग वॉटरफॉल सेल्फी पॉइंट तक ले जाने के लिए बैटरी से चलने वाली गाड़ियां उपलब्ध कराई हैं। देश भर से बड़ी संख्या में पर्यटक इन खूबसूरत नज़ारों को देखने के लिए आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में पूरे कश्मीर में बर्फबारी और बारिश का अनुमान है।
कश्मीर में बर्फबारी
बता दें कि कश्मीर में बर्फबारी हो रही है। बारामूला जिले का प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग जम्मू-कश्मीर का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान शून्य से आठ डिग्री नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। वहीं, काजीगुंड का न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री, कोकरनाग का शून्य से 0.6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया जबकि कुपवाड़ा में यह शून्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
दरअसल, चालीस दिनों की भीषण सर्दी 'चिल्ला-ए-कलां' के समाप्त होने के बाद शनिवार से 20 दिन का 'चिल्ला-ए-खुर्द' (हल्की सर्दी) शुरू हो गया है। 'चिल्ला-ए-खुर्द' के बाद 10 दिन का 'चिल्ला-ए-बच्चा' (मामूली सर्दी) शुरू होगा।