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झारखंड के 52 वर्षीय मोहन रावत ने पूरी की 'माउंट एवरेस्ट' की चढ़ाई, टाटा फाउंडेशन की विरासत को बढ़ाया आगे

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2 Published : May 19, 2025 09:39 pm IST, Updated : May 19, 2025 09:40 pm IST

मोहन रावत ने 18 मई को तड़के माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की और नीचे उतरने से पहले करीब 15 मिनट शिखर पर बिताए। उन्होंने इससे पहले भी कई पर्वतों की चोटियां फतह की है। वह 2018 मिशन गंगा अभियान का हिस्सा थे, जिसे प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाई थी।

mohan rawat- India TV Hindi
Image Source : PTI मोहन रावत

जमशेदपुर: टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) के सीनियर इंस्ट्रक्टर 52 वर्षीय मोहन रावत दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के शिखर पर सफलतापूर्वक पहुंचे। यह जानकारी सोमवार को जारी टाटा स्टील की एक विज्ञप्ति में दी गई। 1984 में बछेंद्री पाल की ऐतिहासिक चढ़ाई के बाद से अब तक TSAF के मार्गदर्शन में 13 पर्वतारोही एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक पहुंच चुके हैं।

शिखर पर बिताए 15 मिनट

मोहन रावत ने 18 मई को तड़के माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की और नीचे उतरने से पहले करीब 15 मिनट शिखर पर बिताए। उन्होंने खुद को परिस्थितियों से अनुकूल करने के लिए दो मई को माउंट लोबुचे ईस्ट (20,075 फीट) पर चढ़ाई की और फिर तीन मई को वह खुंबू क्षेत्र से ट्रैकिंग करते हुए एवरेस्ट आधार शिविर (17,500 फीट) पहुंचे।

14 मई को शुरू की थी चढ़ाई, 17 मई को पहुंचे

इस पर्वतारोही ने शिखर की चढ़ाई 14 मई को शुरू की और 17 मई को शिविर चार (26,400 फीट) पहुंचे।  विज्ञप्ति में कहा गया कि वह 18 मई को तड़के माउंट एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचे। उनके साथ अनुभवी शेरपा गाइड लखपा शेरपा भी थे। इस अभियान में नेपाल स्थित एशियन ट्रेकिंग ने भी उनका सहयोग किया।

2018 मिशन गंगा अभियान का हिस्सा थे रावत

रावत 20 से अधिक वर्षों से टीएसएएफ के साथ हैं और उन्होंने पर्वतारोहण, स्कीइंग और राफ्टिंग में ट्रेनिंग ली है। उन्होंने इससे पहले भी कई पर्वतों की चोटियां फतह की है। वह 2018 मिशन गंगा अभियान का हिस्सा थे, जिसे प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाई थी। वह बछेंद्री पाल के नेतृत्व में 2022 ट्रांस-हिमालयन अभियान में शामिल थे, जिसने 35 पर्वतीय दर्रों से 4,841 किलोमीटर की दूरी तय की थी। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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