जमशेदपुर: झारखंड में बिना वैध दस्तावेजों के 4 हजार से ज्यादा बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने का मामला सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम जिले में इस मामले में एक पंचायत सचिव सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। उपायुक्त अनन्या मित्तल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जनवरी 2023 से चाकुलिया प्रखंड में मटियाबांधी पंचायत द्वारा कुल 4,281 जन्म प्रमाण पत्र या तो जाली दस्तावेजों के आधार पर या बिना किसी वैध दस्तावेज के जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि चाकुलिया की प्रखंड विकास अधिकारी आरती मुंडा द्वारा दो मई को मामला दर्ज कराए जाने के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। मित्तल ने कहा कि यह मामला बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) बच्चों के स्कूलों में प्रवेश के लिए जमा किए गए जन्म प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान सामने आया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान विसंगतियां पाए जाने के बाद मटियाबांधी पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्रों की जांच के लिए एक टीम गठित की गई थी।
एसएसपी ने बताया कि बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आने के बाद मामला दर्ज किया गया और एसपी (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में मटियाबांधी पंचायत के सचिव सुनील महतो (59) और मटियाबांधी पंचायत के ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई) सपन कुमार महतो (45), मालकुंडी पंचायत के शिवम डे (31) और तुजू पंचायत के हरीश कुमार प्रमाणिक (26) शामिल हैं।
वीएलई सरकार द्वारा अधिकृत एजेंट होते हैं जो सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन सार्वजनिक उपयोगिता और वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किये गये पांचवें व्यक्ति की पहचान रांची निवासी अरफी आलम (27) के रूप में हुई है। (इनपुट-भाषा)
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