दुमका: झारखंड के दुमका जिले में एक मेले में कथित रूप से शराब पीकर घूम रही एक महिला की ब्रेकडांस राइड के कार्ट से टकराने पर मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह हादसा मंगलवार रात को हुआ। बताया जा रहा है कि 50 साल की गुलाबी देवी सरैयाहाट मेले में रोजाना देसी शराब पीकर जाती थीं। पुलिस अधिकारी ने कहा, 'वह मंगलवार रात को ब्रेकडांस राइड के घेरे में घुस गईं। वहां एक कार्ट से टकराकर गिर पड़ीं और उन्हें गंभीर चोटें आईं।' उन्हें तुरंत दुमका सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने आगे बताया, 'बुधवार को पोस्टमॉर्टम किया गया और शव उनके परिवार को सौंप दिया गया।' गुलाबी देवी संग्रामपुर के टोंगी गांव की रहने वाली थीं और पहाड़िया जनजाति से ताल्लुक रखती थीं।
बुलंदशहर के मेले में गई थी बच्ची की जान
बता दें कि मेलों से अक्सर इस तरह की दुर्घटनाओं की खबरें आती रहती हैं। कुछ हफ्ते पहले ही यूपी के बुलंदशहर जिले के रामघाट थाना क्षेत्र में बुधवार शाम कार्तिक पूर्णिमा मेला में एक झूला टूटकर गिरने से 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई और 5 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि यह घटना रामघाट क्षेत्र के रामघाट गांव में घटी थी। उन्होंने बताया था कि एक छोटा झूला ‘एक्सल’ का बेयरिंग टूटने के कारण तिरछा होकर गिर गया, जिससे नीचे खड़ी बच्ची हिमांशी गंभीर रूप से घायल हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया था कि इसके साथ ही झूला झूल रहे 5 अन्य लोग भी चोटिल हो गए थे। इस घटना के संबंध में थाना रामघाट में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
नवसारी जिले के मंदिर में टूट गया था झूला
वहीं, बीते साल अगस्त में गुजरात के नवसारी जिले में एक मंदिर के पास लगे मेले में झूला टूटने से 2 बच्चों समेत 5 लोग घायल हो गए थे। पुलिस उपाधीक्षक बी. वी. गोहिल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि यह दुर्घटना बिलिमोरा कस्बे में एक मंदिर परिसर में आयोजित मेले के दौरान हुई थी। उन्होंने बताया था कि 32 सीटों वाला एक ऊंचा झूला दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे 2 बच्चे, 2 महिलाएं और परिचालक घायल हो गए। इस हादसे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। अधिकारी ने बताया था कि मेले में 7 झूलों के इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी और मामले की जांच चल रही है। गोहिल ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ भरे मेले में भगदड़ को रोकने के लिए कदम उठाए गए थे।



