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नई शिक्षा नीति को सरकार की मंजूरी, स्कूल-कॉलेज की व्यवस्था में बड़े बदलाव

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 29, 2020 06:40 pm IST,  Updated : Jul 29, 2020 06:40 pm IST

केंद्र सरकार ने शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने बुधवार को नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया गया है।

new national education policy 2020 main points- India TV Hindi
new national education policy 2020 main points Image Source : FILE

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने बुधवार को नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया गया है। नई शिक्षा नीति की औपचारिक घोषणा केंद्रीय मंत्रियों प्रकाश जावड़ेकर (Union Minister Prakash Javadekar) और डॉ रमेश पोखरियाल निंशक ने संयुक्त रूप से की। घोषणा के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता आज कैबिनेट की बैठक में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई है।

स्कूली शिक्षा में किए ये बड़े बदलाव:

स्कूल शिक्षा की सचिव ने स्कूलों को लेकर किए गए बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6-9 वर्ष के जो बच्चे आमतौर पर 1-3 क्लास में होते हैं उनके लिए नेशनल मिशन शुरू किया जाएगा ताकि बच्चे बुनियादी साक्षरता और न्यूमरेसी को समझ सकें। स्कूली शिक्षा के लिए खास करिकुलर 5+3+3+4 लागू किया गया है। इसके तहत 3-6 साल का बच्चा एक ही तरीके से पढ़ाई करेगा ताकि उसकी फाउंडेशन लिटरेसी और न्यमरेसी को बढ़ाया जा सके। इसके बाद मिडिल स्कूल याना 6-8 कक्षा में सब्जेक्ट का इंट्रोडक्शन कराया जाएगा। फिजिक्स के साथ फैशन की पढ़ाई करने की भी इजाजत होगी। कक्षा 6 से ही बच्चों को कोडिंग सिखाई जाएगी।

ई शिक्षा नीति में भाषा के विकल्प को बढ़ा दिया गया है. सरकार की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि छात्र 2 से 8 साल की उम्र में जल्दी भाषाएं सीख जाते हैं. इसलिए उन्हें शुरुआत से ही स्थानीय भाषा के साथ तीन अलग-अलग भाषाओं में शिक्षा देने का प्रावधान रखा गया है। नई शिक्षा नीति में छात्रों को कक्षा छह से आठवीं के बीच कम से कम दो साल का लैंग्वेज कोर्स करना भी प्रस्तावित है.

नई शिक्षा नीति की कुछ खास बातें

- नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल कोर्सेज को खत्म किया जा रहा है
- लीगल और मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर सभी उच्च शिक्षण संस्थानों का संचालन सिंगल रेग्युलेटर के जरिए होगा
- पांचवी तक पढ़ाई के लिए होम लैंग्वेज, मातृ भाषा या स्थानीय भाषा माध्यम
-यूनिवर्सिटीज और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एन्ट्रेंस एग्जाम होंगे
- छठी कक्षा के बाद से ही वोकेशनल एजुकेशन की शुरुआत
- सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक तरह के मानदंड होंगे
- बोर्ड एग्जाम रटने पर नहीं बल्कि ज्ञान के इस्तेमाल पर अधारित होंगे

 

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