आजकल लोगों के मन में तरह तरह के लालच पैदा होने लगे हैं। लोग अपने धन से खुश नहीं है उन्हें दूसरों के धन से जलन होती है। व्यक्ति ये सोचने में जीवन बिता देता है कि किसी भी तरह मुझे मुफ्त का धन मिल जाए। चोरी चकारी बढ़ रही हैं। दूसरे के धन के लिए लालच पैदा हो रहा है। इतना ही नहीं पराई स्त्री के लिए भी मन में बुरे विचार पनप रहे हैं। लोग पराई स्त्रियों पर बुरी नजर रखते हैं। लेकिन ऐसा करने वालों को जीवन में इससे बड़ी हानि होती है। प्रेमानंद महाराज ने बताया कि पराए धन और स्त्री पर नजर रखने वाले का जीवन में क्या होता है। उसे किन मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में कितनी हानि झेलनी पड़ती है।
पराई स्त्री पर बुरी नजर रखने से नष्ट हो जाएंगे सुकृत्य
प्रेमानंद महाराज ने बताया परदार चाहे गृहस्थ में हों, चाहे विरक्त में हों, चाहे वृंदावन वासी हों या वृंदावन के आश्रित हों पर स्त्री यानि दूसरी स्त्री के प्रति काम भाव से दर्शन करने से सारे सुकृत्य नष्ट हो जाते हैं। अगर आपकी गलती से किसी ऐसी जगह नजर पड़ जाती है जहां नजर जाना ठीक नहीं है तो ऐसा दोबारा भूलकर भी नहीं करना चाहिए। अगर आपने दोबारा ऐसा जानकर किया तो इससे आपकी तपस्या, अच्छे कर्म और सुख सब कुछ ढक जाएंगे। एक बार इंसान को क्षमा मिल सकती है लेकिन दोबारा जानकर वही गलती वाले के लिए दंड के अलावा कोई क्षमा नहीं है।
परधन परदारा का भाव है सबसे बुरा
इसी तरह अगर हम किसी दूसरे के धन की इच्छा रखते हैं। जैसे छल कपट करके कि हम तुमको ऐसी सुविधाएं देगें, तुम्हारे दुख दूर कर देंगे या किसी तरह का लालच देकर कोई धन लेता है। या सांसारिक छल कपट से किसी के धन का अपहरण करना। तो ऐसा बिल्कुल ठीक नहीं है क्योंकि यहां आप उसके धन का अपहरण कर रहे हैं लेकिन आपके भागवत धन का उपहरण उसके पास जा रहा है। आप छल कपट करके उसका धन ले रहे हैं तो दैवीय शक्ति आपके भजन के पुण्य का फल उसके देगी। बहुत घाटा हो जाएगा। आपके निमित्त से जो हो रहा है उसमें आपका तप और भजन खर्च होता है। इसलिए किसी भी बहाने से परधन की चोरी, परधन का अपहरण और परधन का लोभ न रखें।
नामजप से होगा उद्धार
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि 'आपको किसी भी चीज का लोभ नहीं होना चाहिए। लेकिन अगर आपने नाम जपने का लोभ अपना लिया को सारे लोभ नष्ट हो जाएंगे। राधा रानी का नाम जपने का लोभ पैदा करो कि एक बार में कितनी बार नाम जप करेंगे। मुझसे ज्यादा जप कोई नहीं कर पाएगा। ये रास्ता आपके जीवन का उद्धार कर देगा।'