हेल्थ डेस्क: उम्र के हिसाब से गैस की प्रॉब्लम होना आम बात है लेकिन गैस की समस्या आज की यंग जेनरेशन में काफी देखा गया है। इस मॉर्डन लाइफस्टाइल में गैस की प्रॉब्लम हर उम्र के लोगों में देखा गया है। ज्यादातर लोगों को गैस की प्रॉब्लम रहती है। लेकिन कई लोग इस प्रॉब्लम को मामूली समझ कर इग्नोर करते हैं। लेकिन इसके कारण भूख कम होना, चेस्ट पेन, सांस लेने में परेशानी या पेट फूलना जैसी प्रॉब्लम होने लगती है।
अगर गैस की वजहों के बारे में पता चल जाए तो इससे आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर में आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. सी.आर. यादव बता रहे हैं गैस्ट्रिक प्रॉब्लम होने की 5 वजहों के बारे में और साथ ही ये भी कि कैसे बचा जाए। पेट में अच्छे और खराब बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाने से गैस बनती है। कई बार इम्बैलेंस किसी बीमारी के साइड इफेक्ट के कारण भी हो सकता है।
लहसुन, प्याज, बीन्स जैसी चीजें अच्छे-खराब बैक्टीरिया में बैलेंस बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार होती हैं। इन ध्यान न दें। उम्र बढ़ने के साथ डाइजेशन धीमा होने लगता है। ऐसे में दूध और दूध से बनी चीजें(दही छोड़कर) ठीक तरह से डाइजेस्ट नहीं हो पातीं और गैस बनती है। 45 प्लस लोग डाइट में सिर्फ दही शामिल करें। बाकी डेयरी प्रोडक्ट्स का यूज कम कर दें।