Monday, February 23, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. रोजाना चबाएं नीम के 4 पत्‍ते और फिर दांत से लेकर पेट तक की बीमारी से पाएं छुटकारा

रोजाना चबाएं नीम के 4 पत्‍ते और फिर दांत से लेकर पेट तक की बीमारी से पाएं छुटकारा

Written by: India TV Lifestyle Desk Published : Jun 22, 2019 11:10 am IST, Updated : Jun 22, 2019 11:20 am IST

नीम के पत्ते न सिर्फ आपको शारीरिक रूप से फायदा देते हैं, बल्कि आपके दिमाग को भी शांत और मजबूत बनाने का काम करते हैं।

नीम के पत्ते- India TV Hindi
नीम के पत्ते

नीम के पत्ते न सिर्फ आपको शारीरिक रूप से फायदा देते हैं, बल्कि आपके दिमाग को भी शांत और मजबूत बनाने का काम करते हैं। नीम में कई ऐसे औषधिय गुण होते हैं, जिससे न सिर्फ हमारी सेहत अच्छी रहती है बल्कि खूबसूरती को भी बरकरार रखा जा सकता हैं। गर्मियों में नीम की पत्तियों का इस्तेमाल ज्यादा होता हैं क्योंकि यह शरीर व त्वचा को ठंडक का एहसास दिलाती हैं।

जब ब्रश और मंजन नहीं होते थे तो मुंह की देखभाल के लिए नीम के पत्‍तों, टहनियों का ही उपयोग किया जाता था। आज भी गांवों में तमाम लोग नीम के ही दातून करते हैं। आयुर्वेद की मानें तो नीम से मुंह के समस्‍त रोगों का उपचार किया जा सकता है। यही नहीं नीम कई गंभीर रोगों के उपचार के लिए भी मददगार है। सुबह-सुबह नीम के 4 पत्‍ते चबाकर भी मुंह की देखभाल की जा सकती है। नीम के पत्‍ते किन-किन रोगों में फायदेमंद हैं, इसके बारे में हम आपको विस्‍तार से बता रहे हैं। 

नीम एक पेड़ है। औषधि बनाने के लिए नीम के छाल, पत्ते और बीजों का उपयोग किया जाता है। कई बार, जड़, फूल और फल का भी उपयोग किया जाता है। नीम के पत्‍तों का उपयोग कुष्ठ रोग, नेत्र विकार, नकसीर, आंतों के कीड़े, पेट की ख़राबी, भूख न लगना, त्वचा के अल्सर, हृदय और रक्त वाहिकाओं के रोगों (हृदय रोग), बुखार, मधुमेह, मसूड़ों की बीमारी (मसूड़े की सूजन) और जिगर के लिए किया जाता है।

इसके अलावा, छाल का उपयोग मलेरिया, पेट और आंतों के अल्सर, त्वचा रोग, दर्द और बुखार के लिए किया जाता है। नीम में ऐसे रसायन होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, पाचन तंत्र में अल्सर को ठीक करने, बैक्टीरिया को मारने और मुंह में प्लाक के निर्माण को रोकने में मदद कर सकते हैं।

दांत की मैल

प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि नीम के पत्तों का अर्क दांतों और मसूड़ों पर 6 सप्ताह तक रोजाना लगाने से प्लाक बनना कम हो सकता है। यह मुंह में बैक्टीरिया की संख्या को भी कम कर सकता है जो दांतों की मैल यानी डेंटल प्‍लाक का कारण बनता है। यदि अर्क नहीं मिलता है तो आप नीम के पत्‍तों को ही अच्‍छी तरह से धोकर सुबह-सुबह चबा सकते हैं। हालांकि, 2 सप्ताह तक नीम के अर्क से कुल्ला करने पर प्‍लाक या मसूड़े की सूजन को कम करने के कोई प्रमाण नहीं मिलते हैं। 

कीटरोधक
प्रारंभिक शोध बताते हैं कि नीम की जड़ या पत्ते का अर्क त्वचा पर लगाने से काली मक्खियों को हटाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, त्वचा पर नीम के तेल की क्रीम लगाने से कुछ प्रकार के मच्छरों से बचाव होता है। 

अल्सर
कुछ शोध बताते हैं कि नीम की छाल का 30-60 मिलीग्राम अर्क 10 सप्ताह तक दिन में दो बार लेने से पेट और आंतों के अल्सर को ठीक करने में मदद मिलती है। हालांकि इसका प्रयोग करने से पहले आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्‍सक की सलाह जरूर लें। 

ये भी पढ़ें-

रोजाना इलायची खाने के हैं अनेक फायदे, वजन कम करने के साथ-साथ स्किन साफ रखने में भी है मददगार

लीची के कारण चमकी बुखार के शिकार हो रहे है बच्चें, जानें आखिर क्या है इसकी असली वजह

रोजाना सुबह एक मुट्ठी अंकुरित मूंग दाल खाएं और 15 दिन में देखें कमाल

Latest Lifestyle News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल

Advertisement
Advertisement
Advertisement