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इंदौर में जहां बरपा दूषित पानी का कहर, वहां के विधायक कैलाश विजयवर्गीय का आया बयान, जानें क्या कहा?

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1 Published : Dec 31, 2025 02:59 pm IST, Updated : Dec 31, 2025 02:59 pm IST

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' के विधायक कैलाश विजयवर्गीय का रिएक्शन भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

kailash vijayvargiya- India TV Hindi
Image Source : PTI कैलाश विजयवर्गीय

इंदौर: मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत और लोगों के बीमार पड़ने की घटना में अधिकारियों की चूक स्वीकार करते हुए बुधवार को कहा कि इस मामले के दोषी अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वे कितने भी बड़े पद पर क्यों न हों। 

8 लोगों की मौत का दावा, प्रशासन ने 3 की पुष्टि की

बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त के प्रकोप से आठ लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि डायरिया से केवल तीन मरीजों की जान गई है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक हफ्ते के दौरान भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त के प्रकोप से 1,100 से ज्यादा लोग किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं जिनमें से 111 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है। 

 कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र की घटना

बता दें कि भागीरथपुरा, कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है। दूषित पेयजल कांड के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा,‘‘मुझे लगता है कि चूक तो हुई है, लेकिन अभी इस बारे में चर्चा करने से अच्छा है कि हम पहले सभी मरीजों को स्वस्थ करें और सकारात्मक वातावरण बनाएं।’’ विजयवर्गीय ने कहा कि दूषित पेयजल कांड के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वह कितने भी बड़े स्तर का अधिकारी हो। 

दूषित पानी से मरने वाले लोगों की मौत के आंकड़ों को लेकर विरोधाभास पर उन्होंने कहा,‘‘मैं अभी इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि कुछ लोगों की स्वाभाविक मौत हुई है, जबकि कुछ लोगों की मौत इस घटना (दूषित पेयजल कांड) में भी हुई है। इसलिए चिकित्सकों और प्रशासन की जांच के बाद हीं हम आंकड़े बताएंगे।’’ 

मरीजों की तादाद कम हुई

उन्होंने ने बताया कि भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के मरीजों की तादाद कम हुई है, पर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों के आने का सिलसिला जारी है। विजयवर्गीय ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में चार एम्बुलेंस और डॉक्टर्स के अलग-अलग दल तैनात हैं। उन्होंने बताया कि शहर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय और प्राइवेट सेक्टर के श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में उल्टी-दस्त के मरीजों के लिए अलग वॉर्ड बनाए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र के प्राइवेट अस्पतालों से कहा गया है कि सभी मरीजों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। 

सीएम के निर्देश पर एक्शन

नगर निगम कमिशनर दिलीप कुमार यादव ने बताया कि भागीरथपुरा में जलापूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में उस जगह लीकेज मिला है जिसके ऊपर एक शौचालय बना है। उन्होंने कहा कि संभवतः इस लीकेज के कारण ही पेयजल दूषित हुआ। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशों के बाद भागीरथपुरा में नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और एक सहायक इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और एक प्रभारी सब इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। अधिकारी ने बताया कि दूषित पेयजल कांड की जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की समिति गठित की गई है। 

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