मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सोमलवाड़ाखुर्द में ‘खौलता’ बोरवेल बीमारी का स्रोत बन गया है। यहां एक 25 साल पुराने नलकूप से गर्म और जहरीला पानी निकल रहा है। लैब रिपोर्ट ने मामले में खतरनाक सच्चाई सामने लाई है।
मध्य प्रदेश में इंदौर के बाद अब महू में दूषित पानी का कहर देखने को मिला है। इलाके में 10 से 15 दिनों के भीतर 2 दर्जन लोग बीमार पड़ गए हैं। महू में पीलिया फैलने पर प्रशासन हरकत में आया है और कलेक्टर शिवम वर्मा देर रात अस्पताल पहुंचे हैं।
मध्य प्रदेश में पेयजल को लेकर एनजीटी (NGT) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने दूषित पानी को 'संविधान के अनुच्छेद 21' का उल्लंघन बताया है। एनजीटी ने आईआईटी इंदौर और सीपीसीबी से पेयजल की मॉनिटरिंग कराने की बात कही है।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 मौतों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस पार्षद पर लापरवाही के आरोप हैं, उसे कुछ महीने पहले मेयर ने ‘बेस्ट पार्षद’ का अवॉर्ड दिया था। पुराना वीडियो वायरल होने से प्रशासनिक दावों पर सवाल उठे हैं।
इंदौर में दूषित पानी पीने से बीमार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इलाके में घर-घर जाकर सर्वे अभियान भी चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमार लोगों का इलाज करने में लगी हुई है।
गांधीनगर में दूषित पानी पीने से करीब 100 बच्चे अस्पताल में भर्ती है। कुल 150 लोगों को इलाज चल रहा है। दूषित पानी पीने के बाद टाइफाइड से लोग पीड़ित हो गए हैं।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत के बाद अब उज्जैन का नगर निगम प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। यहां लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर लोगों को दूषित पानी को लेकर अलर्ट किया जा रहा है।
भागीरथपुरा में दूषित पानी का डर अभी खत्म नहीं हुआ है, जहर अब भी बह रहा है। 69 पानी की बोरिंग नर्मदा पाइपलाइन से जुड़ी मिलीं।
इंदौर में दूषित पेयजल से फैली उल्टी-दस्त की महामारी में 15 लोगों की मौत के बाद राहुल गांधी ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद इंदौर में प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा।
मध्य प्रदेश के इंदौर में उल्टी-दस्त की महामारी से 13 लोगों की मौत गंदा पानी पीने के कारण हुई। लैब रिपोर्ट में भागीरथपुरा इलाके की पानी की पाइपलाइन में रिसाव की पुष्टि हुई है। सप्लाई में गंदा पानी होने की वजह से 1400 से ज्यादा लोग बीमार पड़े।
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से डायरिया फैलने से 13 लोगों की मौत और 1300 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' के विधायक कैलाश विजयवर्गीय का रिएक्शन भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इंदौर में जहरीले पानी ने सात लोगों की जान ले ली है। भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा पाइप लाइन में लीकेज आने के चलते उसमें दूषित पानी मिल गया। दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग बीमार पड़ गए हैं।
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