मध्य प्रदेश की सबसे हॉट सीट माने जाने वाली राजगढ़ लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह चुनाव हार गए हैं। उनके चुनाव हारने पर अब उनके कार्यकर्ताओं कार्यकर्ताओं को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला राजगढ़ जिले की बैलास पंचायत से सामने आया। दरअसल, बैलास के पूर्व सरपंच करण सिंह पंवार ने दिग्विजय सिंह के हारने पर मुंडन कराने की शर्त गांव के ही एक व्यक्ति से लगाई थी। इस दौरान पूर्व सरपंच ने दिग्विजय सिंह के हारने पर मुंडन कराने और मांगीलाल के द्वारा रोडमल नागर के हारने पर गांव छोड़ने की शर्त रखी थी।
मंगलवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद आए नतीजों में दिग्विजय सिंह अपना ही गढ़ बचाने में नाकाम रहे। उनकी हार के बाद पूर्व सरपंच करण सिंह के द्वारा गांव के ही माता मंदिर पर गांव वालों के सामने मुंडन कराया गया।
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बता दें कि भाजपा के उम्मीदवार रोडमल नागर ने राजगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को 1,46,089 मतों के अंतर से हराया। नागर को 7,58,743 मत प्राप्त हुए जबकि सिंह को 6,12,654 वोट मिले। नागर ने लगातार तीसरी बार राजगढ़ से जीत दर्ज की। उन्होंने पहली बार 2014 में और उसके बाद 2019 में भी जीत दर्ज की। सिंह 1984 और 1991 में राजगढ़ सीट से सांसद चुने गए। बाद में उनके भाई लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस से चार बार और भाजपा से एक बार राजगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। पूर्व मुख्यमंत्री तत्कालीन राघौगढ़ रियासत से ताल्लुक रखते हैं, जो राजगढ़ लोकसभा सीट का हिस्सा है।
मतगणना के दौरान दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय सुबह ही मतगणना स्थल पर स्टेडियम पहुंच गई थी। उन्होंने आम कार्यकर्ताओं की तरह राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतगणना एजेंट की भूमिका निभाते हुए वहां भाग लिया और मतगणना के दौरान नजर रखी। साथ ही दिग्विजय सिंह मतगणना शुरू होने के बाद स्टेडियम ग्राउंड पर पहुंचे। वहां सबसे पहले वह नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतगणना हॉल में पहुंचे और जायजा लिया। इसके बाद कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। वह बाद में स्टेडियम के बाहर कुछ समय गाड़ी में बैठे। भाजपा की लीड जब बढ़ने लगी तो वह फिर से मतगणना स्थल पर पहुंचकर बनाए गए मंच पर बैठ गए। शाम तक वहीं बैठे।
(रिपोर्ट- गोविंद सोनी)
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