मुंबई: शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र में महायुति के अंदर चल रही सियासत पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों द्वारा कैबिनेट की मीटिंग का बॉयकॉट करना महाराष्ट्र के लोगों की बेइज्जती है। उन्होंने कहा कि मुझे आज पता चला कि मंत्रियों ने कैबिनेट मीटिंग का बॉयकॉट किया। वे कैबिनेट की बैठक में इसलिए नहीं गए क्योंकि वे गुस्से में हैं। आदित्य ठाकरे ने अपने एक्स हैंडल पर ये बातें लिखी।
क्यों गुस्से में हैं मंत्री?
आदित्य ठाकरे ने कहा कि कैबिनेट का बहिष्कार करने वाले मंत्री मुख्यमंत्री और बीजेपी पर बहुत गुस्से में हैं। यह गुस्सा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर है और माना जा रहा है कि वे अपनी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं!आदित्य ठाकर ने कहा कि अपने मतलब के लिए कैबिनेट मीटिंग का बॉयकॉट करना महाराष्ट्र और उसके लोगों की बेइज्ज़ती है! क्योंकि कैबिनेट मीटिंग लोगों के मसले सुलझाने के लिए होती हैं, आपके छोटे-मोटे झगड़े निपटाने के लिए नहीं! उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह कैसा राज चल रहा है? यह सब महाराष्ट्र के लिए चिंता की बात है।
गठबंधन की एकजुटता पर सवाल
बता दें कि महाराष्ट्र में आज सीएम देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में शिंदे गुट के मंत्री गैरहाजिर रहे, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अनबन की खबरों के बीच कैबिनेट की बैठक में सिर्फ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और संजय शिरसाठ ही मौजूद रहे। शिवसेना के मंत्री मंत्रालय तो पहुंचे लेकिन कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए।
देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
शिवसेना के मंत्रियों की नाराजगी पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'शिवसेना के सभी मंत्री नहीं, लेकिन कुछ मंत्री आज की बैठक में मौजूद थे।' बाद में शिवसेना मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की। डोंबिवली में हुए प्रवेश को लेकर शिवसेना मंत्रियों ने अपनी नाराज़गी जताई।
जानकारी के मुताबिक स्थानीय निकाय चुनाव की राजनीति और दबाव तंत्र के कारण शिवसेना के मंत्री नाराज हैं। अगर इस तरह की नाराजगी बनी रही और इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश नहीं की गई तो आनेवाले समय में ये मतभेद महायुति के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।