हिंदुओं के बच्चों की संख्या को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने पूर्व सांसद नवनीत राणा पर तंज कसा है। एक मौलवी ने बयान दिया था कि 19 बच्चे भी कम हैं। इस पर नवनीत राणा ने कहा था कि हिंदुओं को भी तीन-चार बच्चे करने चाहिए। अब नवनीत राणा के बयान पर तंज कसते हुए विजय वडेट्टीवार ने कहा कि तीन-चार बच्चे करने चाहिए और उनमें से दो-तीन बच्चे पालन पोषण के लिए नवनीत राणा के घर पर छोड़ देने चाहिए।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, "हिंदुओं को चार बच्चे जरूर करना चाहिए। इसका समर्थन करना चाहिए, लेकिन इसमें से दो या तीन बच्चे पूर्व सांसद नवनीत राणा के घर पर छोड़ कर आना चाहिए और कहना चाहिए कि इनका पालन करो और उनके शब्दों का सम्मान करना चाहिए।"
उद्धव ठाकरे एवं राज ठाकरे के गठबंधन को लेकर विधानसभा में कांग्रेस पक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, "हमें खुशी है की दो भाई एक साथ आए हैं। हमें इसमें कोई दुख व्यक्त करने का सवाल नहीं आता। हमने आघाडी करके उद्धव जी और पवार साहब के साथ अघाडी थी, कल थी, आज है और आगे भी रहेगी। हम उनके साथ चुनाव लड़ने में कभी हिचकिचाये नहीं। रहा सवाल मनसे की एंट्री होने पर हमने अपनी भूमिका जाहिर किया है। हम अलग लड़ना चाहते हैं, हमारा निर्णय हो चुका है, इसलिए वह दो भाई एक साथ आने के बाद हम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, ऐसा हमें लगता नहीं है। हम स्वतंत्र लड़ेंगे, स्वतंत्र चुनाव लड़ेंगे, हमें अच्छा रिजल्ट मिलेगा यह हमें विश्वास है।"
यह पूछे जाने पर की कुछ जगहों पर जहां पर उद्धव ठाकरे मनसे का गठबंधन नहीं है, अन्य महानगरपालिका के क्षेत्र में, क्या वहां पर कांग्रेस उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन करेगी। इसका उत्तर देते हुए विजय वडेट्टीवार ने कहा कि इस संबंध में लोकल लेवल पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस के स्थानीय नेता काफी जगह पर इस संबंध में बातचीत कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि निश्चित रूप से काफी कॉर्पोरेशन में, बहुत सारे कॉर्पोरेशन में यह गठबंधन हो गया, ऐसा नजर आ रहा है।
मुंबई में उत्तर भारतीय बाटोगे तो पिटोगे के बैनर के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस के नेता ने कहा, "बटोगे तो कटोगे यह क्या है। यह भी तो भावना ही है, भारतीय जनता पार्टी अपनी सुविधा के अनुसार उनका इस तरीके के नारे बहुत अच्छे तरीके से आते हैं। गुजरात का पूरा कंट्रोल है मुंबई पर, मुंबई हड़पना चाहते हैं। बटोगे तो पिटोगे इस तरह के बैनर का किसी तरीके के समर्थन करने का प्रश्न नहीं है। बैनर लगाने वाली की भावना क्या है, कुछ लोग इस तरीके का बैनर लगाकर दो समाज में, दो धर्म में दूरी निर्माण करने की बात करते हैं। आपस में लड़वाने की बात होती है, इसमें सिर्फ राजनीति है ,राजनीति के माध्यम से अपना फायदा उठाने के लिए बैनर बाजी कर रहे हैं।"
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