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महाराष्ट्र: चुनाव लड़ने के लिए कोई किस हद तक गिर सकता है? शख्स के 3 बच्चे थे, क्राइटेरिया में फिट बैठे, इसलिए 6 साल की बेटी को मार डाला

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Feb 03, 2026 08:58 am IST,  Updated : Feb 03, 2026 11:16 am IST

महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक पिता ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी 6 साल की बेटी की हत्या कर दी। उसने बच्ची को नहर में फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।

 Sarpanch election- India TV Hindi
पिता ने 6 साल की बेटी की हत्या की Image Source : REPORTER INPUT

नांदेड़: क्या आप सोच सकते हैं कि कोई शख्स चुनाव लड़ने के लिए अपने ही बच्चे की हत्या कर दे? हां, ऐसा हुआ है। महाराष्ट्र के नांदेड़ के एक शख्स ने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए अपनी 6 साल की बेटी की हत्या कर दी। दरअसल यहां ये नियम था कि जिसके 2 बच्चे से ज्यादा है, वह सरपंच का चुनाव नहीं लड़ सकता, इसलिए शख्स ने अपने तीसरे बच्चे की हत्या कर दी। 

आरोपी पिता का नाम पांडुरंग कोंडमांगले है, वह 28 वर्ष का है। आरोपी, महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में केरुर गांव में विराट सलून नाम से एक नाई की दुकान चलाता है। पांडुरंग सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था। उसे इस जून में स्थानीय चुनाव या कहें पंचायत चुनाव में यह मौका भी मिलने वाला था लेकिन उसमें महाराष्ट्र सरकार का एक नियम रोड़ा बन गया।

महाराष्ट्र में जून में हैं पंचायत चुनाव

महाराष्ट्र में आगामी माह जून में पंचायत के चुनाव होने हैं, ऐसे में वह भी सरपंच चुनाव में उम्मीदवार बनना चाहता था, उसे लगता था कि वह जीत सकता है। लेकिन महाराष्ट्र पंचायत राज कानून स्थानीय चुनाव में उन्हें ही उम्मीदवार बनने की अनुमति देता है, जिनके दो बच्चे हों।

पांडुरंग के परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो जुड़वा बेटियां थी, ऐसे में वह चुनाव में प्रत्याशी नहीं बन सकता था। इसलिए उसने अपने दोस्त गणेश शिंदे की मदद ली और ये तय किया कि एक बच्ची से पीछा छुड़ाना है। यह तय हुआ कि 6 वर्षीय प्राची जुड़वा बच्चियों में से सबसे बड़ी थी। दोनों ने पहले सोचा कि प्राची को किसी को गोद दे दिया जाए लेकिन इससे उनका काम नहीं बन सकता था क्योंकि बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र 6 साल पहले जारी किया गया था।

दोनों ने सोचा कि सही तरीका यही है कि बच्ची की जान ले ली जाए और इसे एक हादसा दिखा दिया जाए। पांडुरंग अपनी बच्ची प्राची को गांव से कुछ किलोमीटर दूर घुमाने के लिए तेलंगाना के निजामाबाद जिले ले गया। वह बाइक से निजामाबाद जिले के निजामसागर नहर लेकर पहुंचा, जो खेतों से घिरा हुआ है। उसने कथित तौर पर बच्ची को पानी में धकेल दिया और मौके से भाग गया। हालांकि पास ही कुछ काम करने वाले लोगों ने नहर में कुछ गिरने की आवाज सुनी और भागकर नहर के पास पहुंचे लेकिन तब तक बच्ची की जान जा चुकी थी और उसका शव नहर में तैर रहा था।

लोगों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया और शव बाहर निकाला गया। सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप शेयर के बाद किसी ने महाराष्ट्र में प्राची को पहचान लिया और पुलिस को सूचना दी। गांववालों ने तेलंगाना पुलिस को अलर्ट किया, हालांकि पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही थी। फिर पिता से पूछताछ की गई ।

पहले तो उसने दावा किया उसकी बच्ची का इलाज स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। बाद में उसने कुबूल किया कि उसने बच्ची की जान ली है। आरोपी पिता पर हत्या और आपराधिक साजिश की धारा में मामला दर्ज किया गया है और मौजूदा प्रधान पर साजिश में शामिल होने पर गिरफ्तार किया गया है। (इनपुट: नांदेड़ से विलास आडे)

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