मुंबईः लीलावती हॉस्पिटल में ट्रस्ट पर कब्जे को लेकर चल रही लड़ाई में आज बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक दिलचस्प मोड़ आया है। मौजूदा ट्रस्टी प्रशांत मेहता ने पूर्व ट्रस्टी चेतन मेहता पर उनके केबिन में फर्श के नीचे कलश में ह्यूमन रीमेंस यानी कि इंसानी हड्डियां रखकर काला जादू करने का आरोप लगाया था।
प्रशांत मेहता ने बांद्रा कोर्ट में दर्ज कराई है शिकायत
इस बाबत प्रशांत मेहता ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी लेकिन जब पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो प्रशांत मेहता ने बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट इस मामले की खुद जांच कर रही है। इसी मामले में गुरुवार को सुनवाई होनी थी जिसमें प्रशांत मेहता को अपने शिकायत के पक्ष में गवाह खड़े करने थे।
कोर्ट में पेश हो चुका है गवाह
प्रशांत मेहता की तरफ से लीलावती में ही इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में काम करने वाले एक शख्स और एक प्राइवेट ठेकेदार को बतौर गवाह बयान देने के लिए कोर्ट में लाया था। मजिस्ट्रेट ने जब इन दोनों का बयान दर्ज करने के लिए सवाल जवाब किया तो उसमें यह निकलकर सामने आया की प्रशांत मेहता की मां ने अपने बेटे के दफ्तर को रिनोवेट करने के लिए इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को कहा था।
खुदाई में मिले थे 8 कलश
21 सितंबर 2024 को रिनोवेशन के दौरान जब फर्श की खुदाई हुई तो उसमें से 8 कलश मिले। दोनों गवाहों ने कहा कि उन कलश में उन्हें राख, चावल, व्हाइट पाउडर और बाल जैसी चीज थी। दोनों में से किसी भी गवाह ने इंसानी हड्डियां किसी भी कलश में मिलने की बात नहीं कहीं। कोर्ट ने दोनों गवाहों के बयान दर्ज कर इस मामले में आरोपी चेतन मेहता को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने 2 अप्रैल को है।
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