1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'सब गुलामों का बाजार है...' राज ठाकरे के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में आएगा भूचाल? जानें क्या क्या कहा

'सब गुलामों का बाजार है...' राज ठाकरे के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में आएगा भूचाल? जानें क्या क्या कहा

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jan 23, 2026 09:29 pm IST,  Updated : Jan 23, 2026 09:29 pm IST

महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। कुछ दिनों पहले ठाकरे ब्रदर्स साथ तो आए लेकिन नगर निकाय चुनाव में मिली असफलता के बाद नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। राज ठाकरे ने जाने क्या कह दिया है?

राज ठाकरे का बयान- India TV Hindi
राज ठाकरे का बयान Image Source : REPORTER

महाराष्ट्र की राजनीति अब अलग ही दिशा में जाती दिख रही है। राज ठाकरे ने जो बयान दिया है उससे सियासी भूचाल मचना तय है। राज ठाकरे ने कहा, आज जो राजनीतिक स्थिति बनी है, भयानक है, सब गुलामों का बाजार है। अच्छा हुआ आज बालासाहब नहीं हैं यह सब देखने के लिए। आज सब जगह नीलामी शुरू है। कल्याण डोंबिवली हो या अन्य जगह मेरी और उद्धव और संजय राउत की बातचीत हुई। ये सब क्या चल रहा है अच्छा हुआ आज बालासाहब नहीं हैं। 

राज ठाकरे का बयान

राज ने कहा, मैंने शिवसेना नहीं छोड़ी बल्कि मेरे लिए वह अपने घर छोड़ने जैसा था। बहुत बातें उद्धव ने सीखी बहुत बातें मैंने सीखी अब पुरानी बातें छोड़ दो, भूल जाओ । हिंदू एक राजनीतिक शक्ति बनाने का काम बालासाहब ने किया पहले नेता रहे जो उन्होंने यह काम किया तब यह बीजेपी को भी नहीं करने आया, आज बालासाहब होते तो ये जो हिंदुत्व का बाजार बना के रखा है उसे देख दुःखी व्यथित होते। हिंदुओं को ख़ुद के स्वाभिमान के लिए उन्होंने जागृत किया किसी को नीचा दिखाने के किए नहीं।

राजनीति में लचीली भूमिका लूंगा तो...

मराठी मानुष के प्रति प्रेम रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है। इसके विपरीत, वह और भी दृढ़ होता गया। ये हमारे संस्कार हैं। मैं आज फिर एक शब्द देता हूं। पूरी तरह से बदल चुकी राजनीति में, यदि मैंने कुछ लचीली भूमिका ली भी, तो वह मेरे व्यक्तिगत लाभ और स्वार्थ के लिए कभी नहीं होगी। बालासाहेब का मराठी भाषा, मराठी प्रांत और मराठी मानुष के प्रति जो ज्वलंत प्रेम था, उसे देखकर जो हज़ारों-लाखों लोग उनके साथ जुड़ते गए, उनमें से एक मैं भी हूं। इसलिए बालासाहेब और मराठी, इन दो शब्दों पर मेरी और मेरे महाराष्ट्र सैनिकों की श्रद्धा और प्रेम कभी कम नहीं होगा। स्वर्गीय बालासाहेब को श्रद्धांजलि।"

विचार हमारे और उद्धव के होंगे

यह वर्ष बालासाहेब का जन्म शताब्दी वर्ष है, आज से इसकी शुरुआत हो रही है। मुझे भी कुछ विचार सूझेंगे, मुझे लगता है उद्धव को भी सूझेंगे और आपको भी कुछ विचार सूझेंगे। मुझे लगता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श वर्ष हम लोगों के सामने रखेंगे, लाएंगे और उनके सामने बालासाहेब क्या थे, यह बताने का हम अधिक से अधिक अच्छा प्रयास करेंगे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।